लुधियाना: पंजाब राज्य में आने वाले विधानसभा चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष, भयमुक्त और पारदर्शी ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के तयशुदा दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, डिप्टी कमिश्नर सह जिला चुनाव अधिकारी की अध्यक्षता में लुधियाना के बचत भवन मीटिंग हॉल में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस कमिश्नर लुधियाना, एसएसपी लुधियाना (ग्रामीण), एसएसपी खन्ना, जिले के सभी 14 रिटर्निंग अफसरों (ROs), 292 सेक्टर अफसरों तथा समस्त हलका डीएसपी (DSPs) सहित सिविल एवं पुलिस प्रशासन के तमाम प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस जिलेभर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और चुनाव प्रक्रिया को त्रुटिहीन बनाना था।
संवेदनशील और अति-संवेदनशील पोलिंग स्टेशनों की मैपिंग पर रहा विशेष जोर, मतदाताओं को डराने-धमकाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के दौरान सबसे मुख्य केंद्र बिंदु जिले के संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों (पोलिंग स्टेशनों) की सटीक मैपिंग करना रहा। जिला चुनाव अधिकारी ने सिविल और पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से फील्ड में उतरकर ऐसे तमाम इलाकों की गहन पहचान करने के सख्त निर्देश दिए, जहां असामाजिक तत्वों द्वारा मतदाताओं को डराने-धमकाने, किसी प्रकार का प्रलोभन देने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका हो सकती है। अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि वे जमीनी हकीकत का बारीकी से आकलन कर तुरंत एक चाक-चौबंद सुरक्षा प्लान तैयार करें, ताकि हर एक मतदाता बिना किसी डर या दबाव के स्वतंत्र होकर अपने मताधिकार का उपयोग कर सके।
खर्च के लिहाज से संवेदनशील हलकों (ESCs & ESPs) पर रहेगा कड़ा पहरा, अवैध नकदी और प्रलोभनों पर नकेल कसने के निर्देश
चुनावों के दौरान धन-बल, अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के इस्तेमाल पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए एक्सपेंडिचर सेंसिटिव कॉन्स्टिट्यूएंसीज (ESCs) और एक्सपेंडिचर सेंसिटिव पॉकेट्स (ESPs) की विशेष समीक्षा की गई। जिला चुनाव अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों या इलाकों में अतीत में अत्यधिक नकदी या अन्य उपहारों के वितरण की शिकायतें रही हैं, वहां फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों (FST) और स्टेटिक सर्विलांस टीमों (SST) की गश्त और तैनाती तुरंत बढ़ाई जाए। इसके साथ ही, सभी अंतर-जिला सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर सख्त नाकाबंदी कर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के कड़े आदेश दिए गए हैं।
मास्टर ट्रेनर ने अधिकारियों को दी तकनीकी ट्रेनिंग, वल्नरेबिलिटी और क्रिटिकल मैपिंग के नियमों से कराया अवगत
समीक्षा बैठक के अगले चरण में डिस्ट्रिक्ट लेवल मास्टर ट्रेनर (DLMT) बृज मोहन भारद्वाज ने उपस्थित सभी अधिकारियों को पोलिंग स्टेशनों की ‘वल्नरेबिलिटी और क्रिटिकल मैपिंग’ की संपूर्ण प्रक्रिया, उसके मानदंडों तथा निर्वाचन आयोग के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विस्तार से समझाया कि किन विशिष्ट आधारों पर किसी मतदान केंद्र को ‘क्रिटिकल’ घोषित किया जाता है और ऐसे बूथों पर वीडियोग्राफी, लाइव वेबकास्टिंग तथा माइक्रो-ऑब्जर्वर की नियुक्ति से जुड़े प्रशासनिक नियम क्या हैं।
निर्वाचन आयोग के नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के दो टूक निर्देश, सिविल और पुलिस प्रशासन को आपसी तालमेल से काम करने की हिदायत
अंत में जिला चुनाव अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि भारत निर्वाचन आयोग के नियमों और दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर ढिलाई या कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिविल प्रशासन और पुलिस विभाग पूर्ण आपसी समन्वय और तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि आगामी चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में सफलता के साथ पूरा किया जा सके।