Jalalabad Land Fraud Case FIR: जलालाबाद में राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और जमीन के मालिकाना हक में फर्जी, पटवारी समेत दो पर केस दर्ज
जलालाबाद: पंजाब के जलालाबाद से प्रशासनिक और राजस्व विभाग में चल रही बड़ी गड़बड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना सिटी जलालाबाद के अंतर्गत सरकारी माल (राजस्व) रिकॉर्ड में हेरफेर और गलत प्रविष्टि करके किसी अन्य व्यक्ति के नाम जमीन का मालिकाना हक तब्दील करने तथा भारी धोखाधड़ी करने का यह पूरा प्रकरण सामने आया है। पुलिस प्रशासन ने सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त मंजूरी और उच्च पुलिस अधिकारियों के सख्त आदेशों का पालन करते हुए तत्कालीन हल्का पटवारी समेत कुल दो व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह कानूनी कार्रवाई दिनेश कुमार (पुत्र राम प्रकाश, निवासी रेलवे रोड, जलालाबाद) की ओर से दी गई औपचारिक शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है।
2 नवंबर 2026 को थाना सिटी जलालाबाद में दर्ज किया गया मुकदमा, पटवारी सतपाल सिंह और सतीश कुमार पर लगा गंभीर आरोप
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस मामले को थाना सिटी जलालाबाद में मुकदमा नंबर 218 के रूप में दिनांक 02.11.2026 को दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उस समय तैनात रहे हल्का पटवारी सतपाल सिंह ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए और अपनी सरकारी ड्यूटी में गंभीर लापरवाही बरतते हुए सतीश कुमार (पुत्र पाला राम, निवासी गोविंद नगरी, जलालाबाद) के पक्ष में राजस्व रिकॉर्ड में गलत इंद्राज कर दिया था, जिसके जरिए उसे उक्त जमीन का मालिक दर्शा दिया गया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि इसी फर्जी रिकॉर्ड के बलबूते पर सतीश कुमार ने उस जमीन को कथित तौर पर आगे अन्य लोगों को भी बेच दिया, जिससे एक बड़ा फ्रॉड अंजाम दिया गया। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कप्तान पुलिस (स्थानीय) सह कप्तान पुलिस पीबीआई फाजिल्का द्वारा की गई थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने और वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) फाजिल्का से औपचारिक मंजूरी मिलने के उपरांत थाना सिटी जलालाबाद में यह आधिकारिक मुकदमा दर्ज किया गया।
एएसआई गुरदेव राज कर रहे हैं मामले की आगे की तफ्तीश, पुलिस ने स्पष्ट किया—सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा
इस हाई-प्रोफाइल धोखाधड़ी के मामले में पुलिस द्वारा जिन दो मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है, उनमें सतपाल सिंह (तत्कालीन हल्का पटवारी) और सतीश कुमार (पुत्र पाला राम) शामिल हैं। जिला पुलिस प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया में दो टूक कहा है कि सरकारी दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर आम नागरिकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इस संपूर्ण मुकदमे की आगे की गहन तफ्तीश और साक्ष्य जुटाने का जिम्मा सहायक उप-निरीक्षक (ASI) गुरदेव राज को सौंपा गया है, जो इस धोखाधड़ी से जुड़े हर एक तकनीकी और कानूनी पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं।