Vote Bachao Andolan Chhattisgarh: कोरबा और अंबिकापुर में वोट कटने के दावों के साथ कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर बोला हमला
मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: भारतीय लोकतंत्र में नागरिकों के सबसे बड़े अधिकार यानी मताधिकार की सुरक्षा और मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में कथित अनियमितताओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठाते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत जन-जागरण और विरोध प्रदर्शनों को काफी तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के अधिकृत ऑब्जर्वर डॉ. देवाशीष पटनायक ने एक विशेष पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची से सुनियोजित तरीके से नाम काटे जाने के गंभीर आरोप लगाए और संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। इसके साथ ही उन्होंने आगामी 1 नवंबर को देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले एक बड़े और राष्ट्रव्यापी आंदोलन का औपचारिक ऐलान करते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
दिग्गज कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा पर दिया गया जोर
मनेंद्रगढ़ में आयोजित इस महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पार्टी की प्रभारी सचिव जारीता लैतफलांग, कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, जिला प्रभारी उत्तम वासुदेव समेत कांग्रेस पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के तमाम प्रमुख नेताओं ने मतदाता सूची की शुचिता, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखे जाने, और हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा किए जाने से जुड़े गंभीर मुद्दों को जनता के सामने प्रमुखता से रखा।
राहुल गांधी के नेतृत्व में देशव्यापी स्तर पर चलाया जा रहा है अभियान, एआईसीसी ऑब्जर्वर ने रखे अपने विचार
पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए एआईसीसी के ऑब्जर्वर डॉ. देवाशीष पटनायक ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश भर में ‘वोट चोरी’ और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को लगातार बेहद मजबूती से उठा रहे हैं। पार्टी का मुख्य उद्देश्य आम जनता को यह समझाना है कि वोटर लिस्ट में किस प्रकार की कथित गड़बड़ियां की जा रही हैं और लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना है। इसी कड़ी के तहत कांग्रेस पार्टी के तमाम नेता देश के विभिन्न जिला मुख्यालयों का दौरा कर रहे हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी बातें रख रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए यह अति आवश्यक है कि देश का हर एक पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित रूप से दर्ज हो। यदि किसी भी वजह से किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसके मतदान करने के मौलिक अधिकार पर सीधा आघात पहुंचता है, जिसकी उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विभिन्न लोकसभा व विधानसभा क्षेत्रों का हवाला देकर उठाए गए सवाल, कोरबा और अंबिकापुर का किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आंकड़ों और चुनावी परिणामों पर पड़ने वाले उनके संभावित प्रभावों को लेकर सवाल पूछे, तो डॉ. पटनायक ने छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों का सिलसिलेवार उदाहरण दिया। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में हजारों की संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से गायब किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आई हैं। कोरबा लोकसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने सांसद ज्योत्सना महंत की जीत के अंतर और वोटर लिस्ट से हुई कथित वोटों की कटौती के बीच के समीकरणों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 74 हजार वोट काटे जाने का गंभीर दावा पेश किया। इसके अलावा बैकुंठपुर और जांजगीर-चांपा क्षेत्रों में भी हजारों मतों के विलोपन की बात कहते हुए उन्होंने पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की चुनावी हार का संदर्भ दिया और मांग की कि चुनावी नतीजों और वोटर लिस्ट की इन कथित विसंगतियों के बीच के संबंधों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
1 नवंबर को दिल्ली में बड़े पैमाने पर आंदोलन की चेतावनी, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की भी उठी मांग
मताधिकार की इस अमूल्य रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी ने आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल आंदोलन करने की पूरी तैयारी कर ली है। डॉ. देवाशीष पटनायक ने बताया कि इस आंदोलन के माध्यम से मुख्य रूप से मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करने, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पूरी तरह पारदर्शिता लाने की पुरजोर मांग की जाएगी। इस बीच, छत्तीसगढ़ के कवर्धा में आयोजित एक अन्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश प्रभारी और एआईसीसी ऑब्जर्वर शरद आहिरे ने भी केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पूरे देश में लगभग 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, जिससे पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया गंभीर खतरे में पड़ गई है। कवर्धा में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी नामों की उच्चस्तरीय जांच करने और उन्हें तत्काल प्रभाव से सूची में पुनः जोड़े जाने की मांग की है।