उज्जैन के बेटे-बेटियों ने राष्ट्रीय खेल मंच पर लहराया परचम, रग्बी कप्तान बनीं सुहाना और हर्षित ने जीता कांस्य पदक
उज्जैन: मध्य प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक शहर उज्जैन के प्रतिभावान बेटे-बेटियों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय खेल पटल पर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। उज्जैन जिले के तराना की रहने वाली सुहाना भाटी को राष्ट्रीय जूनियर बालिका रग्बी टीम की कप्तान बनाया गया है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 70वीं राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में उज्जैन के युवा पहलवान हर्षित प्रजापत ने बेहतरीन दांव-पेच दिखाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया है।
राजस्थान के कोटा में आयोजित अखिल भारतीय मलखंब प्रतियोगिता में भी चमके उज्जैन के खिलाड़ी, जीते कुल 5 पदक
इन बड़ी सफलताओं के अलावा राजस्थान के कोटा शहर में संपन्न हुई अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीन मलखंब प्रतियोगिता में भी उज्जैन के खिलाड़ियों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हुए कुल 5 पदक जीतकर शहर का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इन तमाम उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि उज्जैन में पारंपरिक खेलों से लेकर आधुनिक खेलों तक खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण और सामान्य परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट पहचान बना रहे इन खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके सालों का कड़ा अनुशासन, अथक परिश्रम और उनके प्रशिक्षकों का सही मार्गदर्शन मुख्य रूप से शामिल है।
शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा सुहाना भाटी को मिली रग्बी टीम की कमान, खेल जगत में उज्जैन का बढ़ा मान
अपनी इस बड़ी उपलब्धि के बारे में बताते हुए सुहाना भाटी ने साझा किया कि वह उज्जैन जिले के तराना के ग्रामीण परिवेश से ताल्लुक रखती हैं और वर्तमान में शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय में कक्षा 10वीं की अध्ययनरत छात्रा हैं। शालेय खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत उनका चयन मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राष्ट्रीय रग्बी टीम के जूनियर बालिका वर्ग में किया गया था। खेल के मैदान पर उनकी सूझबूझ, बेहतरीन रणनीति और नेतृत्व कौशल को देखते हुए चयनकर्ताओं ने सुहाना भाटी को मध्य प्रदेश टीम की कप्तानी सौंपने का निर्णय लिया। खास बात यह है कि सुहाना केवल रग्बी ही नहीं, बल्कि कबड्डी और कुश्ती जैसे खेलों में भी बेहद कुशल खिलाड़ी हैं। विद्यालय के प्राचार्य दिग्विजय सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन के साथ-साथ खेल शिक्षिका नेहा जाट, शिक्षक नितिन चिंतामण, तराना के खेल प्रभारी अबरार मोहम्मद खान और देवेंद्र सिंह चौहान का उनकी इस सफलता में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
माधव गौशाला अखाड़े के पहलवान हर्षित प्रजापत ने दिल्ली की राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में जीता कांस्य, खेल परिवार से रखते हैं ताल्लुक
दिल्ली में आयोजित 70वीं राष्ट्रीय खेल कुश्ती प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले हर्षित प्रजापत ने बताया कि उन्होंने मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए 65 किलोग्राम भार वर्ग में यह कांस्य पदक हासिल किया है। हर्षित प्रसिद्ध ओंकार दास ग्रुप के शिष्य हैं और वे शहर के ऐतिहासिक माधव गौशाला अखाड़े में नियमित रूप से कुश्ती का कड़ा अभ्यास करते हैं। उन्होंने अपने भार वर्ग में बेहतरीन मुकाबला खेलते हुए यह सफलता अर्जित की है। इससे पहले भी हर्षित तमिलनाडु के श्रीसिलम में आयोजित अंडर-15 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। उल्लेखनीय है कि हर्षित एक खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से हैं, जिनकी दो बड़ी बहनें—विश्व चैंपियन पहलवान प्रियांशी प्रजापत और राष्ट्रीय कुश्ती पदक विजेता नूपुर प्रजापत—भी कुश्ती के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रही हैं, जिनसे उन्हें खेल के बहुमूल्य गुर सीखने को मिले हैं।
कोटा विश्वविद्यालयीन मलखंब प्रतियोगिता में यतीम कोरी, प्रणव, आदित्य और त्रिलोक ने जीते पदक, क्षीरसागर केंद्र का बढ़ा गौरव
राजस्थान के कोटा में 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीन मलखंब प्रतियोगिता में उज्जैन के खिलाड़ियों ने अपनी फुर्ती और संतुलन का शानदार परिचय देते हुए कुल 5 पदक अपने नाम किए। शहर के प्रतिष्ठित क्षीरसागर मलखंब प्रशिक्षण केंद्र के प्रतिभावान खिलाड़ी यतीम कोरी ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्पर्धा में एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक सहित कुल चार पदक अपने नाम किए। इसके अलावा इसी प्रशिक्षण केंद्र के प्रणव कोरी, आदित्य गहलोत और त्रिलोक गौड़ ने भी अपनी टीम के साथ बेहतरीन समन्वय दिखाते हुए कांस्य पदक जीतकर उज्जैन की खेल संस्कृति को एक नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।