Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला, बोलीं- ‘देखूंगी संविधान में ज्यादा ताकत है या बंदूक की नली में’
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने रविवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए उस पर ‘स्टेट टेररिज्म’ (राज्य आतंकवाद) का गंभीर आरोप लगाया है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह देश के संविधान की रक्षा के लिए अपनी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई हर स्तर पर जारी रखेंगी और केंद्र की किसी भी प्रकार की दमनकारी कार्रवाई या डराने-धमकाने की राजनीति के आगे घुटने नहीं टेकेंगी।
कोलकाता में पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में हुए बड़े विकास कार्यों का विशेष जिक्र किया और उनकी तुलना वर्तमान में हो रही तोड़फोड़ से की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा विकास और पीड़ितों के पुनर्वास की राजनीति की है, जबकि वर्तमान दौर में केवल लूट, तोड़फोड़ और विपक्ष के निशानों को मिटाने की गंदी कोशिश की जा रही है।
🏠 ‘प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर गरीब लोगों को उजाड़ा जा रहा’: कल्याणी एक्सप्रेस सेतु निर्माण का दिया उदाहरण
ममता बनर्जी ने केंद्र की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनके कार्यकाल के दौरान कल्याणी एक्सप्रेस सेतु का ऐतिहासिक निर्माण किया गया था, तब कुल 43 गरीब परिवार और उनके घर प्रभावित हुए थे। लेकिन उनकी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन सभी 43 परिवारों के लिए पहले पक्के और समान घर बनाकर उनका पूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित किया था, उसके बाद ही काम आगे बढ़ा था।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि अब वर्तमान में केवल प्रशासनिक कार्रवाई के नाम पर गरीब और असहाय लोगों को उनके आशियानों से जबरन उजाड़ा जा रहा है, जो कि पूरी तरह अमानवीय है। अपने संबोधन में उन्होंने दिल्ली के शासकों को सीधे तौर पर सचेत करते हुए कहा कि जब आप दिल्ली की सत्ता से नीचे गिरेंगे, तब आपको अपने इन सभी जनविरोधी कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ेगा और हम सब लोकतांत्रिक तरीके से उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
⚖️ ‘संविधान में अधिक शक्ति है या बंदूक की नली में, मैं देखूंगी’: न्यायपालिका को याद दिलाया कानून के रक्षक का फर्ज
TMC सुप्रीमो ने आगे देश की कानूनी व्यवस्था का हवाला देते हुए सरकारी तंत्र और बल प्रयोग को खुली चुनौती दी। उन्होंने दहाड़ते हुए कहा कि इस लोकतांत्रिक देश में संविधान ही अंतिम और सर्वोच्च अधिकार है, किसी की तानाशाही नहीं। उन्होंने मंच से कहा, “मैं देश की न्यायपालिका को भी याद दिलाना चाहती हूं कि वो कानून के सच्चे रक्षक हैं। मैं इस राज्य आतंकवाद और बुलडोजर संस्कृति के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रखूंगी। मैं भी देखना चाहती हूं कि आखिर किसमें अधिक शक्ति है – देश के पवित्र संविधान में या फिर सरकार की बंदूक की नली में।”
🚜 हावड़ा रेलवे स्टेशन इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई के बाद आया बयान: विधानसभा के बाहर टीएमसी नेताओं का भारी प्रदर्शन
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि ममता बनर्जी का यह बेहद आक्रामक बयान हाल ही में हावड़ा रेलवे स्टेशन इलाके में रेलवे और स्थानीय प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों पर की गई ताबड़तोड़ बुलडोजर कार्रवाई के बाद आया है। बीते दिनों भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में प्रशासन ने कथित अतिक्रमण हटाने के लिए कई सालों पुराने ढांचों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था, जिससे सैकड़ों दुकानदार और स्थानीय लोग प्रभावित हुए थे।
इस कार्रवाई के सीधे विरोध में तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं और विधायकों ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर तख्तियां लेकर भारी प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र की इस ‘बुलडोजर संस्कृति’ और कथित जबरन बेदखली के खिलाफ कोलकाता, हावड़ा और आसपास के सभी जिलों में बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।