Bakrid 2026: बकरीद पर गाय की कुर्बानी न करें मुस्लिम समुदाय; ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड की बड़ी अपील

नई दिल्ली: देशभर में मुस्लिम समुदाय के लोग ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के पवित्र त्योहार की तैयारियों में पूरी शिद्दत के साथ जुटे हुए हैं। त्योहार के मद्देनजर बाजारों में कुर्बानी के लिए बकरों और अन्य वैध पशुओं की जमकर खरीदारी की जा रही है। इसी बीच, कई संवेदनशील जगहों पर गाय की भी कुर्बानी देने की खबरें या अफवाहें सामने आती हैं, जिसके कारण समाज का आपसी ताने-बाने और सामाजिक सौहार्द बिगड़ जाता है तथा स्थानीय स्तर पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ जाता है।

इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए ईद-उल-अजहा से पहले प्रमुख मुस्लिम संगठन ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड (AIPUB) का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सकारात्मक बयान सामने आया है। AIPUB ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से गाय की कुर्बानी से पूरी तरह बचने की पुरजोर अपील की है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि देश में मौजूदा कानूनी प्रतिबंधों और सामाजिक तनाव की किसी भी आशंका को देखते हुए दूसरे अन्य वैध जानवरों की कुर्बानी देना धर्म और समाज दोनों के लिए ज्यादा उचित और कल्याणकारी होगा।

🕌 शरीयत में गाय वैध, लेकिन कानूनी रोक और दंगों की आशंका हो तो परहेज करना ही समझदारी: मौलाना डॉ. उबैदुल्लाह कासमी

ऑल इंडिया पसमांदा उलेमा बोर्ड (AIPUB) के प्रमुख मौलाना डॉ. उबैदुल्लाह कासमी ने रविवार (24 मई) को पशुओं की पारंपरिक कुर्बानी देने के मुद्दे पर पूछे गए एक जरूरी सवाल के जवाब में विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म में कुर्बानी (बलिदान) अल्लाह की इबादत का एक बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए बताया कि शरीयत के नियमों में गाय उन चौपायों और जानवरों में निश्चित रूप से शामिल है जिनकी कुर्बानी दी जा सकती है।

हालांकि, उन्होंने समसामयिक परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए साफ किया कि अगर देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में सरकार की तरफ से गोवंश की हत्या या उसकी कुर्बानी पर कोई कानूनी रोक (Ban) लगाई गई हो, या फिर ऐसी किसी कुर्बानी से इलाके में सांप्रदायिक तनाव, हिंसा, दंगे भड़कने की स्थिति बने या मुस्लिम समुदाय की जान-माल को किसी भी तरह का खतरा पैदा होने की आशंका हो, तो देश के कानून का पूरी निष्ठा से पालन करना और गाय के विकल्प के रूप में दूसरे किसी वैध जानवर की कुर्बानी देना ही इस्लाम के अनुसार सबसे सही, तार्किक और समझदारी का निर्णय माना जाएगा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जिन परिस्थितियों में कानूनी प्रतिबंध मौजूद हों या अशांति की थोड़ी भी आशंका हो, वहां गाय की बलि देने से पूरी तरह परहेज करना ही हर लिहाज से उचित है। उन्होंने समुदाय के लोगों से पुरजोर शब्दों में अपील की कि वे इस बकरीद पर गाय की कुर्बानी बिल्कुल न करें।

🤝 इस्लाम सिखाता है शांति और सामाजिक जिम्मेदारी: दूसरे वैध पशुओं से भी पूरी की जा सकती है धार्मिक परंपरा

मौलाना डॉ. उबैदुल्लाह कासमी ने देश की एकता और भाईचारे पर जोर देते हुए कहा कि इस्लाम मूल रूप से पूरी दुनिया को अमन (शांति), आपसी समझदारी और सामाजिक जिम्मेदारी की ही पवित्र शिक्षा देता है। ऐसे में जहां कहीं भी किसी भी प्रकार का विवाद, गलतफहमी या अशांति फैलने की न्यूनतम संभावना भी दिखाई दे, वहां मुस्लिम समुदाय को पूरी तरह से संयम और सूझबूझ बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अल्लाह की राह में दूसरे कई प्रकार के शरीयत सम्मत और वैध जानवरों की कुर्बानी देकर भी अपनी सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा को पूरी पवित्रता के साथ निभाया जा सकता है, इसके लिए किसी विवाद में पड़ना कतई जरूरी नहीं है।

🌍 दुनियाभर में स्थानीय नियमों के अनुसार मनाई जाती है ईद-उल-अजहा: पैगंबर इब्राहिम के सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है यह पर्व

गौरतलब है कि ईद-उल-अजहा, जिसे आम बोलचाल की भाषा में बकरीद भी कहा जाता है, वैश्विक स्तर पर इस्लाम धर्म के मानने वालों के सबसे प्रमुख और बड़े त्योहारों में से एक है। यह पवित्र त्योहार मुख्य रूप से पैगंबर इब्राहिम (Prophet Ibrahim) की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था, गहरे समर्पण और उनके सर्वोच्च बलिदान की याद में पूरी दुनिया में मनाया जाता है।

पूरी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले मुसलमान अपने-अपने देशों के संवैधानिक कानूनों, स्थानीय नियमों और वहां की भौगोलिक-सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार पूरी तरह से वैध और स्वीकृत जानवरों की ही कुर्बानी देते हैं और खुशियां बांटते हैं। भारत में भी उलेमा बोर्ड की इस समयोचित अपील को देश के कौमी भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर हंगामा: छात्रों ने तोड़े बैरिकेड्स, सीएम आवास घेराव मार्च में पुलिस से झड़प     |     रायपुर में रक्षाबंधन की भीड़ से पहले जेवर चुराने वाली 2 शातिर महिलाएं गिरफ्तार: ₹12 लाख के सोने-चांदी के जेवरात और गाड़ियां बरामद     |     खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार     |     खैरागढ़ में नवविवाहिता आत्महत्या कांड: दहेज में बाइक-पैसे की मांग और पढ़ाई छुड़ाने वाला पति गिरफ्तार     |     बीजापुर में भारी बारिश से उफान पर चिंतावागु नदी: नगर सेना ने बोट से सुरक्षित पार कराई नदी, मरीजों को दी प्राथमिकता     |     कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में रातभर चट्टान पर फंसे रहे 3 दोस्त: 15 घंटे बाद SDRF ने बोट और रस्सी से किया सुरक्षित रेस्क्यू     |     शिक्षक (कृषि) भर्ती में B.Ed. अनिवार्य: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की योग्यता में छूट की मांग, 65 अभ्यर्थियों को झटका     |     नवा रायपुर सेक्टर-12 में बनेगी 120 करोड़ की आवासीय परियोजना: 29 एकड़ में तैयार होंगे 348 HIG और MIG आवास, ओपी चौधरी करेंगे शिलान्यास     |     रायपुर में ई-बसों के नए रूट पर फैसला: स्कूल-अस्पताल भी जुड़ेंगे; PMAY आवासों के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन तय     |     छत्तीसगढ़ में ड्रॉपआउट बच्चों के लिए ‘लइका चिन्हारी’ ऐप: घर-घर डिजिटल सर्वे से स्कूलों में दोबारा मिलेगा दाखिला     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें