बीजापुर में भारी बारिश से उफान पर चिंतावागु नदी: नगर सेना ने बोट से सुरक्षित पार कराई नदी, मरीजों को दी प्राथमिकता
बीजापुर (छत्तीसगढ़): जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके कारण ग्रामीण और अंदरूनी दूरस्थ अंचलों में सामान्य आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कई स्थानों पर ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उफनते नदी-नालों को पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी विषम परिस्थितियों में जिला प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार मुस्तैद रहकर ग्रामीणों की सहायता में जुटे हैं। इसी क्रम में बीजापुर तहसील अंतर्गत ग्राम चिन्नाकवाली के समीप स्थित चिंतावागु नदी में नगर सेना की टीम ने बोट के माध्यम से ग्रामीणों को सुरक्षित पार कराया।
🚤 नगर सेना के जवानों ने संभाला मोर्चा, मरीजों व जरूरतमंदों को दी प्राथमिकता
रेस्क्यू और सुरक्षित आवागमन का ब्योरा:
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तेज बहाव में रेस्क्यू: चिंतावागु नदी में पानी की तेज धारा और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर सेना के जवानों ने मोर्चा संभाला और मोटरबोट के जरिए ग्रामीणों को एक छोर से दूसरे छोर तक सुरक्षित पहुंचाया।
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स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता: बचाव दल ने अस्वस्थ, बुजुर्ग एवं जरूरतमंद ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर पहले पार कराया, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक चिकित्सकीय उपचार मिल सके।
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ग्रामीणों को मिली राहत: जवानों की इस तत्परता और सतर्कता से बारिश के बीच ग्रामीणों का जरूरी आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सका।
👨💼 कलेक्टर विश्वदीप ने की जवानों की सराहना, सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासनिक निगरानी और दिशा-निर्देश:
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सतर्कता से संचालन: जिला कलेक्टर विश्वदीप ने बताया कि चिंतावागु नदी में तेज बहाव के बावजूद नगर सेना के जवानों ने पूरी जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बोट का संचालन किया।
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सक्रिय निगरानी: प्रशासन द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की आवश्यकताओं और आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
🚨 बारिश के बीच जिले भर में अलर्ट मोड पर राहत-बचाव दल
आपदा प्रबंधन व्यवस्था:
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संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान: मानसून के दौरान बीजापुर के जिन अंदरूनी इलाकों में जलभराव या पुल-पुलिया डूबने की आशंका रहती है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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त्वरित सहायता का निर्देश: जिला प्रशासन ने सभी राहत एवं बचाव दलों (SDRF/नगर सेना) को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि आपात स्थिति उत्पन्न होते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर सहायता पहुंचाई जा सके।