Giridih Mica Factory Raid: गिरिडीह में अभ्रक फैक्ट्री पर दबिश, वैध-अवैध दस्तावेजों की जांच शुरू; प्रशासन की कार्रवाई से कारोबारियों में खलबली
गिरिडीहः जिले में अभ्रक का खनन-परिवहन और भंडारण अवैध है. इसके बावजूद यह धंधा यहां पर फलता-फूलता रहा है. गाहे-बगाहे प्रशासन कार्रवाई भी करती है. पिछले दिनों तिसरी गावां इलाके में छापेमारी हुई और गोदामों को सील भी किया गया. अब शहर से सटे लोहपिट्टी में संचालित माइका के एक गोदाम में प्रशासन ने दबिश दी. दंडाधिकारी विनोद सिंह के साथ माइनिंग के पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी भी पहुंचे थे.
फैक्ट्री तक माइका या फिर माइका का डस्ट कैसे पहुंचा
सदर एसडीएम श्रीकांत विस्पुते के निर्देश पर पहुंचे पदाधिकारियों ने फैक्ट्री के अंदर बोरियों में भरकर रखे गए माइका का डस्ट, अवशेष की वीडियोग्राफी करवायी और सैंपल भी लेते हुए फैक्ट्री में ताला लगाया गया. दूसरी तरफ फैक्ट्री के संचालक संजय बगेड़िया को सभी कागजात प्रस्तुत करने को कहा गया है. अब इस कार्रवाई के बाद गिरिडीह में अभ्रक के वैध-अवैध कारोबार को लेकर चर्चा होने लगी है. सवाल यह उठ रहा है कि जब जिले या गिरिडीह से सटे कोडरमा में माइका का एक भी वैध पट्टा नहीं है. एक भी वैध खदान नहीं है तो आखिर फैक्ट्री तक माइका, माइका का डस्ट या फिर अवशेष पहुंचा कैसे.
टीम गई थी, चल रही जांच: दंडाधिकारी
फैक्ट्री में जांच करने गई टीम में शामिल दंडाधिकारी विनोद सिंह ने कहा कि माइका के भंडारण की सूचना पर टीम गई थी. फैक्ट्री के संचालक ने मौके पर कुछ कागजात दिखाए हैं आगे मामले की जांच खनन विभाग कर रहा है.
माइका का डस्ट फैक्ट्री में मिला है. आगे मूल्यांकन किया जा रहा है. फैक्ट्री संचालक से कागजत की भी मांग की गई है. सभी चीजों के मूल्यांकन के पश्चात आगे की कार्रवाई होगी. विश्वनाथ उरांव, इंस्पेक्टर माइनिंग, गिरिडीह
क्या कहते हैं संचालक
इधर फैक्ट्री के संचालक संजय बगेड़िया ने कहा कि उन्होंने इस फैक्ट्री को दो माह पहले ही खोला है. फैक्ट्री में करोड़ों का माइका होना सिर्फ अफवाह है. उनके यहां माइका का डस्ट है जिसका मूल्य दो से तीन लाख है. उनका कहना है कि जो माइका का डस्ट उनकी फैक्ट्री में है उसे उन्होंने कोडरमा के डोमचांच से मंगवाया है जिसके कागजात भी हैं. संचालक ने कहा कि कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं.
