Divya Sharma Case: पूर्व जिला जज की बहू दिव्या शर्मा मौत मामला; आज सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला अदालत में महासुनवाई
भोपाल: भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू दिव्या शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब न्यायिक लड़ाई के बेहद निर्णायक दौर में पहुंच गया है। सोमवार को इस हाई-प्रोफाइल मामले में देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल जिला अदालत, तीनों जगह एक साथ बेहद अहम सुनवाई होनी है। विधिक जानकारों के मुताबिक, अगले 24 घंटे इस पूरे केस की दिशा और दशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले में संस्थागत पक्षपात, स्थानीय पुलिस की जांच प्रक्रिया और पुलिस व अस्पताल प्रशासन की संदिग्ध भूमिका को लेकर गंभीर सुनवाई करेगी। इस शीर्ष स्तरीय सुनवाई पर न सिर्फ भोपाल बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
⚖️ मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में आज होगी तीखी बहस: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की याचिका पर फैसला संभव
इस मामले का दूसरा सबसे बड़ा पहलू मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में है। हाई कोर्ट में आज रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला अदालत से मिली अग्रिम जमानत को तुरंत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई होगी।
यह महत्वपूर्ण याचिका मध्य प्रदेश शासन और मृतका दिव्या शर्मा के पीड़ित पिता की ओर से संयुक्त रूप से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आरोपी पक्ष रसूखदार है और उनके बाहर रहने से मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है।
📹 भोपाल जिला अदालत में भी अहम तारीख: कॉल डिटेल (CDR) और भोपाल AIIMS के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने पर होगी जिरह
तीसरी कानूनी लड़ाई स्थानीय स्तर पर भोपाल जिला अदालत में लड़ी जा रही है। आज जिला अदालत में मुख्य आरोपी समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह के 12 मई से 20 मई तक के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को कानूनी रूप से सुरक्षित रखने और भोपाल एम्स (AIIMS) के तमाम महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को संरक्षित रखने संबंधी आवेदन पर सुनवाई होगी। पीड़ित पक्ष चाहता है कि तकनीकी साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
🔍 क्यों लगातार चर्चा में बना हुआ है यह मामला? दिल्ली AIIMS के री-पोस्टमार्टम के बाद बढ़ा न्यायपालिका पर भरोसा
दिव्या शर्मा (ट्विशा शर्मा) की संदिग्ध मौत को लेकर पहले दिन से ही लगातार कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मृतका के मायके पक्ष और स्थानीय प्रशासन के बीच जांच को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। हालांकि, अब न्यायपालिका की इस अभूतपूर्व सक्रियता के चलते यह मामला देशव्यापी स्तर पर हाई-प्रोफाइल बन चुका है। तीन अलग-अलग अदालतों में एक साथ समानांतर सुनवाई होने से आज का दिन इस केस के इतिहास में बेहद अहम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बीते कल यानी रविवार को ही मृतका की बॉडी का दूसरा हाई-लेवल री-पोस्टमार्टम (PM-2) दिल्ली एम्स की फॉरेंसिक टीम की निगरानी में किया गया है, जिसके बाद भारी मन से भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। अब सबकी निगाहें अदालतों से आने वाले आदेशों पर टिकी हैं।