देवघर में दीपावली और धनतेरस पर बाजारों में लौटी रौनक, करोड़ों के कारोबार का अनुमान— सोना और गाड़ियों की बंपर बिक्री
देवघर: झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र देवघर तथा इसके आसपास के संपूर्ण संथाल परगना क्षेत्र के बाजारों में दीपावली के पावन अवसर पर अद्भुत चहल-पहल और रौनक देखने को मिल रही है। धनतेरस के शुभ दिन से शुरू हुआ खरीदारी का यह सिलसिला दीपावली तक लगातार जारी है, जिसे देखते हुए व्यापारियों और व्यवसायियों द्वारा इस पूरे फेस्टिव सीजन में सैकड़ों करोड़ रुपये के शानदार कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है। इस वर्ष विशेष रूप से सोने (सर्राफा) और ऑटोमोबाइल (वाहन) के व्यापार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, और धनतेरस के दिन से ही बाजारों में खरीदारों का तांता लगा हुआ है। संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के मुताबिक, अकेले धनतेरस के दिन ही लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की बंपर बिक्री दर्ज की गई है। वहीं, धनतेरस से लेकर दीपावली के समापन तक केवल देवघर जिले के भीतर ही सोने का कुल कारोबार 40 से 45 करोड़ रुपये तक के आंकड़े को छूने का अनुमान लगाया गया है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी दिखी जोरदार चमक, बाइक और कारों की खरीद पर लोगों ने लुटाए पैसे— 50 करोड़ तक पहुंचेगा कारोबार
सोने के अलावा वाहन बाजार (ऑटोमोबाइल सेक्टर) में भी ग्राहकों ने भारी उत्साह दिखाते हुए जमकर खरीदारी की है। इस बार धनतेरस और दीपावली के इस विशेष अवसर पर जिलेभर में मोटरसाइकिल, स्कूटर और चार पहिया वाहनों की कुल बिक्री 45 से 50 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने की पूरी संभावना है। चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अकेले ऑटोमोबाइल सेक्टर में अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये से अधिक का व्यावसायिक लेनदेन हो चुका है। हालांकि, संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव निरंजन कुमार का यह भी कहना है कि यदि सोने और वाहनों के इस बड़े कारोबार को एक तरफ रख दिया जाए, तो अन्य छोटे और पारंपरिक क्षेत्रों के व्यापार में उस स्तर की तेजी देखने को नहीं मिली जिसकी उम्मीद व्यापारियों द्वारा की जा रही थी।
सोने की कीमतों में नरमी और आगामी विवाह सीजन का दिखा असर, नकदी की कमी और ऑनलाइन शॉपिंग के चलते छोटे दुकानदार हुए प्रभावित
व्यवसायी निरंजन कुमार के अनुसार, इस बार सोने के दामों में आई कुछ नरमी और ठीक दीपावली व छठ महापर्व के तुरंत बाद शुरू होने वाले शादियों के सीजन (लग्न) को ध्यान में रखते हुए अधिकांश लोगों ने सोने और नए वाहनों की खरीद में सबसे अधिक रुचि दिखाई है। हालांकि, दूसरी तरफ इसका विपरीत असर स्थानीय स्तर पर छोटे और खुदरा दुकानदारों के कारोबार पर पड़ा है। उनके मुताबिक, बाजार में आम लोगों के पास नकदी (कैश) की थोड़ी कमी होने के कारण वे बड़े स्तर पर खुलकर खरीदारी करने से बच रहे हैं। इसके अलावा, आज के दौर में ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स को अधिक प्राथमिकता दिए जाने तथा शहर में ‘मॉल कल्चर’ के लगातार बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक छोटी दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की संख्या में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है।
शहरी उच्च मध्यम वर्ग और संपन्न परिवारों की खरीदारी रही सीमित, सालभर खरीदारी करने के कारण त्योहारों पर नहीं दिखाई विशेष उत्सुकता
चैंबर के पदाधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहरी इलाकों में रहने वाले उच्च मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से बेहद संपन्न परिवारों की तरफ से इस धनतेरस पर अपेक्षा के अनुसार बड़ी खरीदारी देखने को नहीं मिली। इसका मुख्य कारण यह है कि संपन्न परिवार किसी खास त्योहार के मोहताज न रहकर सालभर अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदारी करते रहते हैं, जिसके चलते उनका व्यापारिक रुझान केवल धनतेरस या दीपावली के ही दिन किसी बड़ी खरीदारी तक सीमित नहीं रहता है।
संपूर्ण संथाल परगना में 150 से 200 करोड़ के कारोबार की संभावना, अकेले देवघर में 50 करोड़ पार हुआ व्यापार— पटाखों के बाजार पर टिकी निगाहें
संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स के ताजा अनुमानों के मुताबिक, इस पूरे फेस्टिव सीजन में यानी धनतेरस से लेकर दीपावली तक संपूर्ण संथाल परगना क्षेत्र में कुल मिलाकर 150 से 200 करोड़ रुपये तक का बंपर कारोबार होने की मजबूत उम्मीद है। अकेले देवघर और इसके आसपास के शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में अब तक लगभग 50 करोड़ रुपये का व्यापार सफलतापूर्व संपन्न हो चुका है। केवल दीपावली के दिन तक जिले के भीतर कुल कारोबार का यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपये के मील के पत्थर को पार कर सकता है। हालांकि, वर्तमान में पटाखों और आतिशबाजी (फायर क्रैकर्स) के थोاد व खुदरा व्यापार का पूरा आंकड़ा अभी सामने आना बाकी है। ऐसे में यदि अंतिम समय में पटाखों की दुकानों पर भी खरीदार भारी संख्या में उमड़ते हैं, तो देवघर जिले के कुल व्यावसायिक कारोबार में और अधिक भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।