गिरिडीह के यूको बैंक राजधनवार में 5 करोड़ की डकैती, पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को लिया हिरासत में— बड़ा खुलासा
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के राजधनवार स्थित यूको बैंक में हुई सनसनीखेज डकैती के मामले में जिला पुलिस को एक बार फिर से बेहद महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग आधा दर्जन संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में लूटी गई पूरी राशि और जेवरात की आधिकारिक बरामदगी की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अपराधियों तक पहुंचने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
बिहार और झारखंड के कई जिलों में जारी है पुलिस की छापेमारी, धनवार थाना में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार करीब पांच करोड़ की हुई है लूट
इस बीच, इस सनसनीखेज लूटकांड को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। बैंक से लूटी गई कुल संपत्ति और नकदी का आधिकारिक आंकड़ा पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है, जो कि लगभग पांच करोड़ रुपये के आसपास है। इस बात का स्पष्ट उल्लेख धनवार थाना में विधिवत दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) में किया गया है। गिरिडीह पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमें जिले के स्थानीय थानों के साथ-साथ देवघर, बिहार के जमुई, वैशाली और पटना जैसे तमाम संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।
शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोंड के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर, 11.5 लाख नकद और भारी मात्रा में जेवर शामिल
धनवार थाना में दर्ज कराई गई एफआईआर में यूको बैंक राजधनवार के शाखा प्रबंधक राहुल कुमार गोंड ने विस्तार से बताया है कि लूटी गई कुल नगदी और आभूषणों का अनुमानित बाजार मूल्य पांच करोड़ रुपये बनता है, जिसमें लगभग साढ़े ग्यारह लाख रुपये की नगदी भी शामिल है। प्रबंधक राहुल ने अपनी शिकायत में पूरी घटना का आंखों देखा हाल बयां करते हुए बताया कि कैसे बेखौफ अपराधी अचानक बैंक के अंदर दाखिल हुए और पिस्तौल की नोक पर बैंक कर्मियों तथा वहां मौजूद सभी ग्राहकों को बंधक बनाकर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया। याद दिला दें कि यह दुस्साहसिक घटना गत गुरुवार (5 नवंबर) को दोपहर के वक्त घटी थी।
सात बदमाशों ने मिलकर दिया था घटना को अंजाम, पुलिस ने पीछा कर एक अपराधी को दबोचा और दो बाइक की जब्त
बैंक के अंदर घुसे पांच हथियारों से लैस अपराधियों ने बैंक स्टाफ और ग्राहकों को गनपॉइंट पर लेकर पूरी लूटपाट की थी। जैसे ही इस घटना की सूचना एसपी डॉ. बिमल कुमार तक पहुंची, उनकी पूरी टीम तुरंत हरकत में आ गई और अपराधियों का पीछा करना शुरू कर दिया। झारखंड-तारा-चुंगलो मार्ग से भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों के पीछे गिरिडीह पुलिस मुस्तैदी से लगी और एक अपराधी को धर दबोचा, साथ ही मौके से दो मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं। इसके बाद से ही लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, बिहार, गिरिडीह और देवघर के रहने वाले थे कुल सात बदमाश
एसपी की विशेष टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए अपराधी से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि इस पूरी डकैती की साजिश में कुल 7 अपराधी शामिल थे, जिनमें से पांच बदमाश बैंक के अंदर घुसे थे जबकि दो अन्य बाहर पहरा दे रहे थे। इन बदमाशों में तीन शातिर अपराधी बिहार के, दो गिरिडीह के बेंगाबाद इलाके के और दो देवघर जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन सभी की सुरागरसी के लिए जिले के चुनिंदा तेज-तर्रार अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को लगातार अहम लीड मिल रही है। हालांकि पुलिस टीम सभी आरोपियों की पूर्ण गिरफ्तारी तथा लूटे गए सोने और नगदी को बरामद करने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई बड़े मामलों का खुलासा गिरिडीह एसपी की कुशल अगुवाई में हुआ है, ऐसे में यह हाई-प्रोफाइल मामला भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
झारखंड में हुई अब तक की सबसे बड़ी बैंक डकैतियां, जमशेदपुर और हजारीबाग के बाद राजधनवार बना तीसरा बड़ा मामला
गौरतलब है कि झारखंड राज्य में अब तक की सबसे बड़ी बैंक लूट की घटना जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में घटी थी, जहां 24 सितंबर 2026 को डकैतों ने धावा बोलकर ग्राहकों द्वारा गिरवी रखे गए 23.80 किलोग्राम सोने (जिसका बाजार मूल्य लगभग 33.20 करोड़ रुपये था) और 43 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इसके अलावा, इससे पहले 24 अप्रैल 2026 को हजारीबाग जिले के बरही में भी बैंक को लूटा गया था, जहां करीब पांच करोड़ रुपये (3.9 किलो सोना और चार लाख 22 हजार रुपये नकद) की डकैती हुई थी। इन दोनों बड़ी वारदातों के बाद अब राजधनवार में हुई लगभग 5 करोड़ की इस लूट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गिरिडीह जिले के इतिहास में बैंक लूट की अब तक की सबसे बड़ी वारदात, पुलिस अधीक्षक का सख्त बयान आया सामने
यदि केवल गिरिडीह जिले की बात की जाए, तो यह जिले के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बैंक लूट की घटना दर्ज की गई है। इससे पहले जिले में हुई कुछ अन्य प्रमुख बैंक लूटों में 7 जून 2005 को मकतपुर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 29.23 लाख, फरवरी 2017 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया बेंगाबाद शाखा से 28.14 लाख, फरवरी 2011 में एसबीआई इसरी बाजार शाखा से 25.75 लाख, नवंबर 2021 में यूको बैंक सरिया शाखा से 7.34 लाख, अगस्त 2016 में एसबीआई पचम्बा शाखा से 6.84 लाख और जुलाई 2005 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक राजधनवार शाखा से 6.36 लाख रुपये की लूट शामिल रही है। इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने दृढ़ता से कहा है कि “एक-एक अपराधी को कानून के शिकंजे में पकड़ा जाएगा। जिले की विशेष टीम पूरी मुस्तैदी से इसमें जुटी हुई है। मिल रही हर एक सूचना पर बेहद गंभीरता से काम किया जा रहा है, और बहुत जल्द इस मामले का पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया जाएगा।”