अमृतसर: भारत सरकार ने आज एक अहम फैसला लेते हुए 4 पाकिस्तानी सिविल कैदियों को रिहा कर दिया। ये सभी कैदी अपनी सजा पूरी करने के बाद अमृतसर में अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते अपने देश पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए। रिहा हुए लोगों में मोहम्मद इरफान (उम्र करीब 40 साल, सैवाल), मोहम्मद रजा (उम्र 44 साल, सियालकोट), मोहम्मद हमजा और हुसैन शामिल हैं। इनमें से एक 10 साल की सजा, एक साल की सजा और बाकी 6 महीने सजा पूरी करके जा रहे हैं।
इस मौके पर प्रोटोकॉल ऑफिसर के मुताबिक, इन कैदियों की रिहाई के लिए केंद्र सरकार की तरफ से जारी ऑर्डर इमिग्रेशन अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पूरा प्रोसेस पूरा हो गया। उन्हें पुलिस प्रोटेक्शन में अटारी बॉर्डर लाया गया, जहां जरूरी पेपरवर्क और कस्टम चेक के बाद उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों को सौंप दिया गया। रिहा हुए कैदियों में मोहम्मद हमजा ने कहा कि वह नशे की हालत में गलती से बॉर्डर पार कर गया था, जिसकी वजह से उसे भारत में गिरफ्तार कर लिया गया। उसने करीब एक साल एक महीना जेल में बिताया। उसने कहा कि उसके परिवार को भी नहीं पता था कि वह भारत में कैद है। वतन लौटने पर खुशी जताते हुए उसने कहा कि अब वह अपने परिवार से मिलेगा।
इस मौके पर रिहा हुए कैदियों ने ड्रग्स को बहुत खतरनाक लत बताया और युवाओं से इससे दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ड्रग्स की वजह से न सिर्फ उनकी ज़िंदगी पर असर पड़ा, बल्कि वे गलती से बॉर्डर भी पार कर गए, जिसकी वजह से उन्हें सजा मिली। वहीं, एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों ने कहा कि यह रिहाई कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही की गई है। सरकार के इस फैसले को इंसानियत के नजरिए से एक पॉजिटिव कदम के तौर पर देखा जा रहा है।