IMD Weather Alert: भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट; 90 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस हफ्ते उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
🌬️ सक्रिय मौसमी प्रणालियों का असर
IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ‘पश्चिमी विक्षोभ’ सक्रिय है। इसके प्रभाव से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। दूसरी ओर, दक्षिण गंगा बेसिन, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी चक्रवाती परिसंचरण के कारण तेज हवाएं चलेंगी, जिनकी गति कहीं-कहीं 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
🌧️ पूर्वोत्तर और मध्य भारत में भारी वर्षा
पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। साथ ही, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी चक्रवाती परिसंचरण के कारण आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।
📅 मानसून की दस्तक और नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के लिए राहत की बात यह है कि मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं और अगले 48 घंटों में मानसून केरल तक पहुंच सकता है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के लिए चुनौती खत्म नहीं हुई है। 3 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 3 से 5 जून के बीच दिल्ली-NCR सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में फिर से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
संपादकीय टिप्पणी: बदलते मौसम के साथ ओलावृष्टि और आंधी-तूफान फसलों और जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं। क्या आपको लगता है कि इस तरह के ‘वेदर अलर्ट’ को मोबाइल नोटिफिकेशन के जरिए और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण इलाकों तक समय पर सूचना पहुंच सके? अपने विचार नीचे साझा करें।