Dhamtari News: धमतरी में मतांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर विवाद, हिंदू जागरण मंच के विरोध के बाद बदला गया स्थल
धमतरी जिले के भखारा अंतर्गत ग्राम मड़ाई भाठा में एक धर्म परिवर्तन (मतांतरण) करने वाले व्यक्ति के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर बुधवार को भारी विवाद की स्थिति बन गई. शव को गांव की सामान्य भूमि पर दफनाने की तैयारी की सूचना मिलने पर हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और स्थानीय प्रशासन के सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. सूचना मिलते ही पुलिस बल भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुस्तैद हो गया.
🛡️ हिंदू जागरण मंच का विरोध: “परंपरा और धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार हो अंतिम संस्कार”
हिंदू जागरण मंच के सदस्य डाकेश्वर साहू ने मामले पर संगठन का पक्ष रखते हुए कहा कि उनका संगठन सनातन संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं के संरक्षण के लिए हमेशा कार्य करता रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी विषय पर लोकतांत्रिक और वैधानिक तरीके से ही प्रशासन के सामने अपनी बात रखेगा. उन्होंने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी पक्षों की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसी भी विवाद का समाधान कानून एवं प्रशासन के माध्यम से ही किया जाना चाहिए. हिंदू जागरण मंच का तर्क था कि संबंधित व्यक्ति ने मतांतरण के बाद अलग धार्मिक पद्धति को अपना लिया था, इसलिए उसका अंतिम संस्कार भी उसी धर्म की परंपराओं और उनके लिए निर्धारित स्थल पर ही किया जाना चाहिए, न कि गांव के सार्वजनिक स्थल पर.
⛪ प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद ईसाई कब्रिस्तान में दफनाया गया शव, संभावित विवाद टला
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए भखारा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों से लंबी चर्चा की. प्रशासनिक हस्तक्षेप और स्थानीय स्तर पर हुई शांतिपूर्ण बातचीत के बाद अंततः दोनों पक्षों में सहमति बनी कि शव का अंतिम संस्कार गांव में न करके निर्धारित ईसाई कब्रिस्तान में किया जाए. इसके बाद प्रशासनिक देखरेख में संबंधित व्यक्ति के शव को देर शाम ईसाई कब्रिस्तान ले जाया गया और वहां दफनाया गया. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान हिन्दू जागरण मंच के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद रहे. संगठन ने प्रशासन और पुलिस की त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सही समय पर लिए गए निर्णय से संभावित बड़ा विवाद टल गया और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी रही.