काठमांडू में साहित्यिक गरिमा के बीच ‘अंतस्करण’ का विमोचन, डॉ. डीआर उपाध्याय की रचनात्मक यात्रा को मिली सराहना
काठमांडू : नेपाल के प्रख्यात साहित्यकार, गीतकार और बहुआयामी सर्जक डॉ. डीआर उपाध्याय के नवीन कविता संग्रह ‘अंतस्करण’ का भव्य लोकार्पण समारोह राजधानी काठमांडू में साहित्यिक गरिमा और सांस्कृतिक उत्साह के बीच सम्पन्न हुआ। साहित्यिक पत्रकार संघ और मिलाप मासिक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम नेपाली साहित्य, संवेदना और सामाजिक चेतना के व्यापक विमर्श का सशक्त मंच बनकर उभरा।
समारोह में साहित्य, राजनीति, इतिहास, संगीत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राधेश्याम लेकाली ने की, जबकि सांसद राजीव खत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूर्व सांसद एवं कवयित्री रेखा यादव, वरिष्ठ इतिहासविद् सुरेन्द्र केसी, साहित्यकार प्रा. पुरुषोत्तम दाहाल, महाकाव्यकार खेमनाथ दाहाल, गीतकार संघ अध्यक्ष वसन्त वित्यासी थापा, चूडामणि देवकोटा, माधव खनाल, तारा उप्रेति, कृष्ण भुसाल और नरेश भट्टराई सहित कई विशिष्ट हस्तियों ने सामूहिक रूप से पुस्तक का लोकार्पण किया।
वक्ताओं ने ‘अंतस्करण’ को समकालीन नेपाली समाज की भावनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज बताते हुए कहा कि डॉ. उपाध्याय ने अपनी कविताओं में प्रेम, पीड़ा, सामाजिक यथार्थ, उम्मीद और आत्मसंवाद को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। उनके अनुसार यह संग्रह पाठकों को समाज और जीवन के गहरे प्रश्नों से जोड़ता है।
मुख्य अतिथि राजीव खत्री ने कहा कि डॉ. उपाध्याय का साहित्य केवल रचनात्मकता नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय चेतना का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने संग्रह की एक कविता का पाठ भी किया, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम में कवि सुमन थापा संगम और शोभा अधिकारी ने संग्रह से चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। कविता वाचन के दौरान सभागार में गंभीर और भावनात्मक वातावरण बना रहा।
समारोह में ‘अंतस्करण’ की भूमिका लिखने वाले प्रा. पुरुषोत्तम दाहाल, महाकाव्यकार खेमनाथ दाहाल और डॉ. डीआर उपाध्याय को विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। साथ ही सांसद राजीव खत्री को भी अभिनंदन प्रदान किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. डीआर उपाध्याय ने कहा कि साहित्य आत्मा की संवेदना और समाज की सच्चाई को अभिव्यक्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ‘अंतस्करण’ उनके जीवन अनुभवों, संघर्षों और सामाजिक दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है।
मिलाप पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित इस 299 पृष्ठीय कविता संग्रह में 79 कविताएँ संकलित हैं, जिनका संपादन कृष्णा भुसाल ने किया है। साहित्यप्रेमियों ने विश्वास जताया कि यह कृति नेपाली कविता जगत में नई चेतना और गंभीर साहित्यिक बहस को जन्म देगी।
उल्लेखनीय है कि डॉ. डीआर उपाध्याय अब तक 17 उपन्यास, तीन गीतिपुस्तकें, लगभग 250 गीत और 150 से अधिक गीतों के वीडियो प्रस्तुत कर चुके हैं। साहित्य और संगीत के क्षेत्र में उनके नाम 153 विश्व कीर्तिमान दर्ज हैं। समारोह में लगभग 100 विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही।