क्रिप्टो के विज्ञापन में बताना होगा, पैसे डूबे तो कोई सरकारी मदद नहीं व्यापार By Nayan Datt On Feb 25, 2022 क्रिप्टो से जुड़े विज्ञापनों और प्रमोशनल कंटेंट्स में ‘करेंसी’ जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं होंगे। एडवरटाइज़िंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने बुधवार को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे विज्ञापनों में डिस्क्लेमर देना होगा कि ये काफी रिस्की एसेट्स हैं और इस तरह के लेनदेन से किसी भी नुकसान के लिए कोई नियामकीय मदद नहीं मिलेगी। यह भी पढ़ें सोने की ‘रॉकेट’ रफ्तार और चांदी में भारी उछाल!… Mar 2, 2026 Alert for Investors: ईरान पर हमले से सहमी दुनिया! शेयर बाजार… Mar 1, 2026 दरअसल देश में मान्यता न मिलने के बावजूद क्रिप्टो एसेट्स (बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी और एनएफटी) की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है। इनसे जुड़े विज्ञापन भी आने लगे हैं। इससे जोखिम बढ़ गया है। इन दिशानिर्देशों का मकसद यह पक्का करना है कि ये विज्ञापन वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को लेकर जागरूकता की कमी का फायदा न उठा पाएं। Share