Viral Tea Stall in Bardhaman: सोशल मीडिया पर छाई कटवा की ये खास चाय, सुकांत गोराई की दुकान पर लगती है लंबी कतार
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले के अंतर्गत आने वाले कटवा कस्बे में एक ऐसी अनूठी चाय की दुकान इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जहां मिलने वाली स्पेशल चाय को पीने के लिए दूर-दूर से लोग खिंचे चले आते हैं। ग्राहकों की भारी भीड़ के चलते कई बार इस चाय का आनंद लेने के लिए लोगों को लंबी कतारों में भी खड़ा होना पड़ जाता है। इस चाय की सबसे बड़ी खासियत और हैरानी की बात यह है कि इसे तैयार करने में दूध, चीनी या फिर साधारण पानी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है, बल्कि इस स्वादिष्ट चाय को पूरी तरह से ताजा नारियल पानी को गर्म करके बनाया जाता है।
अजय और हुगली नदी के संगम पर स्थित कटवा कस्बे की सोशल मीडिया पर धूम
अजय और हुगली नदी के पवित्र संगम पर बसे इस ऐतिहासिक कस्बे की यह अनोखी चाय इन दिनों सोशल मीडिया पर पूरी तरह सुर्खियों में छाई हुई है। इस स्वाद से भरपूर चाय का लुत्फ उठाने के लिए राज्य के कोने-कोने से लोग इस दुकान तक पहुंचते हैं। इसके अलावा, स्थानीय निवासियों और चाय प्रेमियों की भी इस स्टॉल पर हमेशा भारी भीड़ देखने को मिलती है। खासकर शाम के ढलते वक्त स्थिति ऐसी हो जाती है कि लोगों को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है। सुनने में यह भले ही थोड़ा अजीब या असंभव लगे, लेकिन यह पूरी तरह से एक सच्चाई है।
महज 10 रुपये प्रति कप है इस अनूठी नारियल पानी वाली चाय की कीमत
सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस स्पेशल चाय की कीमत बेहद किफायती यानी केवल 10 रुपये प्रति कप रखी गई है। दुकान पर आने वाले ग्राहकों के सामने ही ताजे नारियल को फोड़कर उसका पानी निकाला जाता है और फिर धीमी आंच पर विशेष चायपत्ती के साथ उसे उबाला जाता है। जैसा कि पहले ही बताया गया है, इसमें न तो दूध मिलाया जाता है, न चीनी डाली जाती है और न ही पानी का अंश होता है। इस अनूठे प्रयोग के रचयिता और दुकान के मालिक सुकांत गोराई बताते हैं कि उनके मन में अचानक इस तरह की अलग चाय बनाने का विचार आया था और उन्होंने इसे आजमाया। इसका स्वाद बेहद लाजवाब निकला और अब दूर-दूर से लोग इस अनूठे स्वाद के दीवाने बन चुके हैं।
शाम के वक्त सजता है बाजार, पिछले दो सालों से बंगाल में मचा रही है धूम
दुकान संचालक सुकांत गोराई के अनुसार, यूं तो उनकी यह दुकान पूरे दिन खुली रहती है और ग्राहक आते-जाते रहते हैं, लेकिन शाम के समय यहां खरीदारों और चाय प्रेमियों का भारी मजमा लगता है। अधिकांश लोग इस अनूठी चाय का स्वाद चखने के लिए ही विशेष रूप से आते हैं और पीने के बाद इसकी जमकर तारीफ करते हैं। चाय विक्रेता सुकांत गोराई पिछले करीब दो वर्षों से इस खास नारियल पानी की चाय को तैयार कर रहे हैं। इन बीते दो सालों के भीतर उनकी इस अनोखी चाय की ख्याति न केवल पश्चिम बंगाल के भीतर बल्कि राज्य की सीमाओं को पार कर अन्य जगहों तक भी पहुंच चुकी है।