कवर्धा: पीएम जनमन आवास योजना के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत मिली है. प्रशासन ने विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के हितग्राहियों से ठगी करने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. दरअसल, पूरा मामला बोड़ला विकासखंड के ग्राम राजाढ़ार और आमानारा का है. यहां आवास निर्माण के नाम पर पैसे लेकर मकान नहीं बनाने के मामले में 2 ठेकेदारों के खिलाफ चिल्फी और तरेगांव थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. कुल 9 हितग्राहियों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है.
💸 बैगा हितग्राहियों से लाखों की धोखाधड़ी, डेढ़ साल तक नहीं मिले मकान और न ही पैसे
प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम राजाढ़ार के 5 हितग्राहियों ने ठेकेदार कुमार मेरावी, निवासी शीतलपानी, पंचायत ढोलबज्जा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. शिकायतकर्ताओं की मानें तो, देवसिंह से 60 हजार, मंधोर बाई से 60 हजार, पुसिया बाई से 60 हजार, कौशल्या बाई से 80 हजार और ननकी बाई से 60 हजार रुपए पीएम जनमन आवास निर्माण کے नाम पर लिए गए. इसके बावजूद मकानों का निर्माण नहीं कराया गया. करीब डेढ़ साल तक इंतजार करने के बाद भी न रकम वापस मिली और न ही आवास बन पाए, तब पीड़ितों ने इस बात की शिकायत स्थानीय पुलिस से की.
वहीं, ग्राम आमानारा के 4 हितग्राही बैसाखू बैगा से 64 हजार, सुकोर बाई से 60 हजार, सोनिया बाई से 45 हजार और रनो बाई से 20 हजार सहित कुल 1 लाख 89 हजार रुपए लेने की शिकायत पर ठेकेदार तुमेस गोड़ के खिलाफ तरेगांव थाने में मामला दर्ज किया गया है. प्रशासन के अनुसार, आवास निर्माण के लिए जारी राशि लेकर अधूरा काम छोड़ने वाले अन्य ठेकेदारों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है.
🏦 सीधे बैंक खाते में आती है योजना की राशि, जानिए क्या है पीएम जनमन योजना
जिला प्रशासन के अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए चार किस्तों में पैसे दिए जाते हैं. लाभार्थियों को कुल मिलाकर दो लाख रुपए मिलते हैं. इसके साथ ही 45 दिनों के मजदूरी भुगतान और शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपए भी दिए जाते हैं. जनमन योजना का काम देखने वाले अधिकारी बताते हैं कि हितग्राहियों के खाते में सीधे पैसा भेजा जाता है.
प्रधानमंत्री जनमन योजना को मिशन के तौर पर छत्तीसगढ़ में PVTG यानी विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूहों के परिवारों के लिए चलाया जा रहा है. केंद्र सरकार ने आदिवासियों के समग्र विकास के लिए इस योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत कई स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं.