ईरान युद्ध की आंच में भारत की रसोई! क्यों थम गई एलपीजी की सप्लाई और कौन है दुनिया का असली ‘गैस बादशाह’? जानें इस संकट की पूरी इनसाइड स्टोरी

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों के बाद वैश्विक बाजार में एक नई उथल-पुथल मच गई है. इस भू-राजनीतिक तनाव का असर एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई चेन पर भी पड़ा है. भारत के कई शहरों से रसोई गैस के सिलेंडरों, खासकर कमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत की खबरें सामने आने लगी हैं.यह स्थिति हर उस परिवार के लिए चिंता का विषय है, जिसकी सुबह की शुरुआत गैस चूल्हे पर चाय बनने से होती है. ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो गया है कि हजारों किलोमीटर दूर हो रहा यह युद्ध आखिर हमारी रसोई को कैसे प्रभावित कर रहा है.

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरती है दुनिया की सप्लाई

इस पूरे संकट की जड़ में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है. यह समुद्र का वह अहम और संकरा मार्ग है, जहां से दुनिया भर के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है. जैसे ही ईरान पर हमले शुरू हुए, इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से होने वाली आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो गई. भारत के नजरिए से यह रास्ता किसी जीवनरेखा से कम नहीं है. हमारे देश में आयात होने वाली कुल एलपीजी का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा, जिसमें सऊदी अरब से आने वाली खेप भी शामिल है, इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. जब इस रास्ते पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ा, तो भारत तक गैस पहुंचने की रफ्तार धीमी हो गई. इसी सप्लाई चेन के बाधित होने का नतीजा है कि आज स्थानीय स्तर पर गैस की कमी महसूस की जाने लगी है.

LPG उत्पादन का ‘बादशाह’ कौन?

इस संकट के बीच यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इस गैस का सबसे बड़ा उत्पादक कौन है. इस मामले में अमेरिका दुनिया का बेताज बादशाह है. अमेरिका के पास विशाल रिफाइनरी नेटवर्क और अत्याधुनिक तकनीक है, जिसके दम पर वह पूरी दुनिया के एक बड़े हिस्से की जरूरतें पूरी करता है.

पहले समझ लें एलपीजी बनती कैसे है? दरअसल, यह कोई प्राकृतिक रूप से सीधे खदान से निकलने वाली गैस नहीं है, बल्कि क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की रिफाइनिंग और नेचुरल गैस की प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाला एक बाई-प्रोडक्ट है. जब रिफाइनरी में कच्चे तेल को साफ किया जाता है, तो कई तरह की गैसें निकलती हैं. इन्हीं में से प्रोपेन और ब्यूटेन नाम की दो गैसों को अलग किया जाता है और उच्च दबाव डालकर उन्हें तरल (लिक्विड) रूप में बदल दिया जाता है. इसी तरल मिश्रण को हम लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी कहते हैं.

दुनिया के 5 सबसे बड़े गैस भंडार वाले देश

उत्पादन में भले ही अमेरिका सबसे आगे हो, लेकिन जब बात जमीन के नीचे छिपे गैस के विशाल भंडारों की आती है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग होती है:

  1. रूस: प्राकृतिक गैस के रिजर्व के मामले में दुनिया का सबसे अमीर देश रूस है. अकेले रूस के साइबेरिया क्षेत्र (जैसे यूरेनगोय और याम्बर्ग) में दुनिया की करीब 24 प्रतिशत गैस का भंडार मौजूद है.
  2. ईरान: दूसरे नंबर पर ईरान का नाम आता है. कतर और ईरान के बीच फारस की खाड़ी में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री गैस क्षेत्र (साउथ पार्स-नॉर्थ डोम) मौजूद है, जिसका आधा हिस्सा ईरान के नियंत्रण में है.
  3. कतर: तीसरे स्थान पर कतर है, जो अपने ‘नॉर्थ फील्ड’ खजाने के दम पर दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातक भी बना हुआ है.
  4. तुर्कमेनिस्तान: चौथे नंबर पर मिडिल ईस्ट का ही एक और देश तुर्कमेनिस्तान आता है, जहां ‘गाल्किनीश’ जैसा विशाल गैस क्षेत्र है जिसे दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में गिना जाता है.
  5. अमेरिका: उत्पादन में नंबर वन रहने वाला अमेरिका भंडारों के मामले में पांचवें पायदान पर है. अमेरिका के पास मुख्य रूप से टेक्सास और पेन्सिलवेनिया में शेल गैस (Shale Gas) के बड़े रिजर्व हैं.

गैस के लिए किन देशों पर निर्भर है भारत?

भारत के पास भी अपने प्राकृतिक गैस के भंडार हैं. देश में मुख्य रूप से कृष्णा-गोदावरी बेसिन, असम, राजस्थान और गुजरात की खंभात की खाड़ी से गैस निकाली जाती है. हालांकि, हमारी विशाल आबादी और भारी मांग के आगे यह घरेलू उत्पादन काफी कम पड़ जाता है. यही वजह है कि भारत अपनी कुल जरूरत की लगभग 50 फीसदी गैस का आयात करता है.

हमारी इस जरूरत को पूरा करने में कतर सबसे अहम भूमिका निभाता है. भारत के कुल एलएनजी आयात का 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा अकेले कतर से आता है. इसके अलावा हाल के वर्षों में अमेरिका भी भारत के लिए एक बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है. खाड़ी देशों की बात करें तो कतर के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान से भी भारत भारी मात्रा में गैस खरीदता है. लंबी अवधि की जरूरतों को पूरा करने और निर्बाध सप्लाई के लिए भारत ने ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों के साथ भी अहम समझौते किए हुए हैं.

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     Raja Raghuvanshi Murder Case: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, जेल से बाहर आते ही रिश्तों में बिखराव     |     Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम के बाद अब राज कुशवाहा की बेल पर शिलांग कोर्ट में सुनवाई, मृतक के भाई ने लगाए गंभीर आरोप     |     उज्जैन से काशी तक: सीएम मोहन यादव की भेंट ‘वैदिक घड़ी’ का पीएम मोदी ने किया अवलोकन, पंचांग और मुहूर्त की मिलेगी सटीक जानकारी     |     Rajsamand News: चोरों ने कांग्रेस कार्यालय को बनाया निशाना, AC, पंखे और गीजर उखाड़ ले गए बदमाश; पुलिस जांच में जुटी     |     Ganga Expressway Alert: सीएनजी गाड़ी है तो सावधान! 594 किमी के सफर पर नहीं मिलेगा एक भी गैस पंप, पेट्रोल-डीजल को लेकर मिली राहत     |     Bengal Election Phase 2: फाल्टा में खूनी खेल! वोट देने पर मां-बेटे को ‘मर्डर’ की धमकी, हिंसा के बीच NIA की तैनाती और कई जगह लाठीचार्ज     |     IPL 2026: ऋषभ पंत की एक्स-गर्लफ्रेंड ईशा नेगी ने श्रेयस अय्यर के लिए लुटाया प्यार! पोस्ट में की ऐसी गलती कि सोशल मीडिया पर मच गया बवाल     |     भोजपुरी इंडस्ट्री में फिर मचेगा तहलका! खेसारी लाल यादव के नए गाने ‘ससुरवा में का करबू?’ का पोस्टर रिलीज, रानी के साथ जमी जोड़ी     |     Israel-Lebanon War: लेबनान में इजराइल का ‘महाविस्फोट’, 450 टन बारूद से उड़ाई हिजबुल्लाह की 2 KM लंबी सुरंग; भूकंप जैसा कांपा इलाका     |     Ganga Expressway Inauguration: पीएम मोदी ने किया गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, मेरठ से प्रयागराज का सफर अब सिर्फ 6 घंटे; जानें 12 जिलों को कैसे होगा फायदा     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें