टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, सोशल मीडिया वीडियो शेयर कर दी जानकारी
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट जगत से एक चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ देश के दिग्गज और अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। शुक्रवार 6 नवंबर की देर रात शमी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए इस बात की जानकारी अपने करोड़ों प्रशंसकों को दी। उनके इस अचानक आए फैसले ने देश भर के उन फैंस को गहरा निराश कर दिया है जो पिछले कई महीनों से मैदान पर उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
फैंस के नाम लिखा बेहद भावुक संदेश— “सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूँ, लेकिन उससे जुड़ी यादों और जज्बात से कभी नहीं”
अपने इस विदाई वीडियो के कैप्शन में मोहम्मद शमी ने फैंस के लिए एक दिल को छू लेने वाला संदेश लिखा, जिसकी शुरुआत ही एक भावुक कर देने वाले ऐलान से हुई। शमी ने लिखा, “मैं आज सफेद जर्सी से विदा ले रहा हूँ, लेकिन इस जर्सी से जुड़ी अनमोल यादों और अपनेपन से कभी नहीं।” उन्होंने आगे लिखा कि टेस्ट क्रिकेट उनके लिए केवल खेल का एक प्रारूप मात्र नहीं था, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा था और जब उन्होंने पहली बार यह जर्सी पहनी थी, तभी से देश के लिए मैदान पर कुछ कर दिखाने का सपना उनके दिल में बस गया था।
36 साल के गेंदबाज ने बयां किया अपना सफर— कहा, हर चोट, हर संघर्ष और हर कमबैक ने मुझे एक बेहतर खिलाड़ी बनाया
अपने रिटायरमेंट नोट में 36 वर्षीय शमी ने जिक्र किया, “जब मैंने पहली बार भारत की टेस्ट कैप और जर्सी पहनी थी, तब वो सिर्फ एक सपना था— अपने वेश के लिए अपना सब कुछ झोंक देना। इसके बाद के सफर में हर विकेट, हर शारीरिक संघर्ष, हर चोट और हर मुश्किल कमबैक ने मुझे जीवन का एक नया पाठ पढ़ाया। टेस्ट क्रिकेट मेरे लिए महज एक फॉर्मेट नहीं, बल्कि मेरी जिंदगी का एक बेहद खास अध्याय रहा है। आज एक भारी मन और अनगिनत सुनहरी यादों के साथ मैं टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहा हूँ।” इसके साथ ही उन्होंने टीम इंडिया, अपने साथियों, बीसीसीआई (BCCI) और बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) का आभार जताते हुए कहा कि कठिन और अच्छे दोनों दौर में उनका साथ देने वाले सभी लोग हमेशा उनके दिल के करीब रहेंगे।
डेब्यू मैच में कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर बरपाया था कहर, वेस्टइंडीज के खिलाफ रचा था इतिहास
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के मूल निवासी मोहम्मद शमी ने घरेलू क्रिकेट में बंगाल टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया था, जिसके बाद साल 2013 में उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम के लिए अपना शानदार डेब्यू किया था। यह एक सुखद संयोग ही था कि उनका पहला टेस्ट मैच उनके घरेलू मैदान यानी कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेला गया था। वेस्टइंडीज के खिलाफ उस मुकाबले में रोहित शर्मा ने भी अपने टेस्ट करियर का आगाज करते हुए शानदार शतक जड़ा था और मैन ऑफ द मैच बने थे, जबकि भारत की एक पारी से हुई उस ऐतिहासिक जीत में शमी ने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 5 विकेट चटकाकर अपनी गेंदबाजी का जलवा बिखेर दिया था।
जसप्रीत बुमराह और इशांत शर्मा के साथ मिलकर बनाई दुनिया की सबसे घातक गेंदबाजी चौकड़ी, जीते कई ऐतिहासिक मैच
इसके बाद के सालों में शमी ने अपनी घातक गेंदबाजी से सफेद जर्सी में देश और दुनिया के फैंस को कई अविस्मरणीय पल दिए। जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा और उमेश यादव जैसे धुरंधर गेंदबाजों के साथ मिलकर शमी ने बीते दशक में भारतीय टेस्ट गेंदबाजी आक्रमण को वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक और खूंखार अटैक में तब्दील कर दिया था। इसी मजबूत गेंदबाजी के दम पर भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर टेस्ट सीरीज अपने नाम की तथा इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के घर में जाकर ऐतिहासिक टेस्ट मुकाबले जीते।
शानदार रहा 64 टेस्ट मैचों का सफर— 229 विकेट झटके, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 का फाइनल रहा आखिरी मुकाबला
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023 का फाइनल मुकाबला मोहम्मद शमी के करियर का आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ। अपने कुल 64 मैचों के टेस्ट करियर में शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 229 विकेट अपने नाम किए, जिनमें पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 6 बार किया। उनका कुल गेंदबाजी औसत 27.71 और स्ट्राइक रेट 50 का रहा। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2018 में पर्थ के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था, जब उन्होंने दूसरी पारी में मात्र 56 रन देकर 6 विकेट झटके थे। उन्होंने भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर दो-दो बार पांच-पांच विकेट लेने का गौरव हासिल किया।
वनडे और टी20 प्रारूप में जारी रखेंगे खेलना, वनडे वर्ल्ड कप 2027 में वापसी की उम्मीदें बरकरार
हालांकि, राहत की बात यह है कि शमी के इस संन्यास के ऐलान से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट यानी वनडे और टी20 फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगे। इसका सीधा मतलब है कि साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के लिए वह टीम इंडिया में अपनी वापसी की संभावनाओं को जिंदा रखे हुए हैं। यही वजह है कि उन्होंने फिलहाल केवल सबसे लंबे फॉर्मेट (टेस्ट क्रिकेट) को ही अलविदा कहा है। वनडे प्रारूप में उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत के लिए अपना पिछला मुकाबला खेला था, जिसके बाद से वह चयन के लिए अनुपलब्ध चल रहे थे।