Shiv Sena UBT Crisis: संजय राउत ने बागियों को दी चेतावनी; कहा- ‘इस्तीफा देकर जाएं, कार्यकर्ताओं के खून-पसीने का अपमान न करें’
दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच पार्टी के कद्दावर नेता संजय राउत ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बागी सांसदों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि जो सांसद पार्टी छोड़कर शिंदे गुट में जाना चाहते हैं, उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
⚔️ राउत का हमला: ‘कार्यकर्ताओं के पसीने की कमाई पर जीते’
संजय राउत ने कहा कि जिन सांसदों के शिंदे गुट में जाने की चर्चा है, उन्हें इसका खंडन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं ने इन सांसदों को जिताने में खून-पसीना बहाया है, पैसा और टिकट दिया। आप उद्धव ठाकरे के चेहरे पर चुनाव जीते हैं, ऐसे में पार्टी छोड़ना जनादेश के साथ धोखा है।” राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जनतंत्र को बाजार बना दिया है और टीएमसी की तर्ज पर शिवसेना को तोड़ा जा रहा है।
📝 संवैधानिक लड़ाई की तैयारी
सांसद अरविंद सावंत ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर आगाह किया है कि जो भी कार्रवाई हो, वह संविधान के दायरे में होनी चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे संविधान की धज्जियां उड़ने नहीं देंगे।
🤝 कौन किसके साथ? (पार्टी का गणित)
सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (UBT) के 9 सांसदों में से 6 के बागी होने की खबरें हैं। स्थिति फिलहाल कुछ इस प्रकार है:
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उद्धव ठाकरे के साथ: अरविंद सावंत, अनिल देसाई, और राजाभाऊ वाजे (नासिक से सांसद राजाभाऊ ने स्पष्ट किया है कि वे उद्धव के साथ हैं)।
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बागियों की सूची (चर्चा में): नागेश पाटील आष्टीकर, संजय उत्तमराव देशमुख, ओमराजे निंबालकर, संजय (बंडू) जाधव, संजय दीना पाटिल, और भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे।
⚖️ क्या होगा अगला कदम?
पार्टी ने आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए संसदीय बैठक बुलाई है। बागी गुट और उद्धव गुट के बीच छिड़ी इस सियासी जंग में अब देखना यह है कि क्या ये सांसद वाकई अपना पाला बदलते हैं या उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने में कामयाब होते हैं।
