Ranchi News Update: सैटेलाइट चौक पर चले बुलडोजर से बिगड़े हालात; बाईपास जाम, पुलिस से भिड़े आक्रोशित लोग
रांची। राजधानी रांची में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और भारी हंगामा देखने को मिला। सैटेलाइट चौक से लेकर राजद कार्यालय तक रांची नगर निगम और एचईसी (HEC) की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने पहुंची टीम को स्थानीय निवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान जैसे ही एक दर्जन से अधिक कच्चे-पक्के मकानों को जमींदोज किया गया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
🛑 JCB को घेरा और मशीन पर चढ़े प्रदर्शनकारी: पुलिस और निवासियों के बीच तीखी झड़प
प्रभावित परिवारों का आरोप था कि बिना किसी पूर्व पुनर्वास व्यवस्था और उचित समाधान के उनके घरों को अचानक तोड़ा जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान कई परिवार सड़क पर बिखरे अपने घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की मशक्कत करते दिखे। स्थिति उस समय अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई जब उग्र भीड़ ने जेसीबी (JCB) को चारों तरफ से घेर लिया और कई युवक मशीन पर चढ़कर कार्रवाई रोकने की मांग करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने जब लोगों को नीचे उतारने का प्रयास किया, तो पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी कहासुनी व तनातनी हो गई।
🚗 बाईपास रोड पर लगा भीषण ट्रैफिक जाम: वाहनों की लंबी कतारों से वाहन चालक परेशान
अतिक्रमण हटाने के विरोध में स्थानीय लोगों और महिलाओं के सड़क पर धरना देने के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
सैटेलाइट चौक से राजद कार्यालय जाने वाले बाईपास मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब घंटों तक चले इस हंगामे के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को आंशिक रूप से बहाल कराया।
🌧️ ‘बरसात के मौसम में बेघर करना गलत’: हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही हटिया से भाजपा विधायक नवीन जायसवाल मौके पर पहुंचे और बारिश के मौसम में इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई का तीखा विरोध किया।
विधायक ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित गरीब परिवारों की मानवीय स्थिति और उनकी समस्याओं का आकलन किया जाना चाहिए था। उन्होंने बरसात के बीच लोगों को बेघर करने के तरीके को अमानवीय बताया। उनके साथ पहुंचे अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासनिक रवैये की आलोचना की।
📢 पार्षद नीलम गुप्ता ने मोर्चा संभाला: महिला पुलिस कर्मियों से हुई तीखी बहस
स्थानीय पार्षद नीलम गुप्ता भी प्रभावित परिवारों के समर्थन में सड़क पर उतर आईं और प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और पार्षद के बीच तीखी बहस हुई। नीलम गुप्ता ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल गरीब और असहाय लोगों के आशियाने उजाड़ने में मुस्तैद दिख रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विकास या सौंदर्यीकरण के नाम पर यह कदम उठाया जा रहा है, तो इन बेघर हुए परिवारों के रहने और भोजन-पानी की व्यवस्था का जिम्मेदार कौन है?
🏨 ‘फाइव स्टार होटल के लिए बेघर किए जा रहे गरीब’: पार्षद ने सरकार पर साधा निशाना
पार्षद नीलम गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस कीमती जमीन से गरीबों के मकान हटाकर यहां फाइव स्टार होटल बनाने की योजना है।
हालांकि, इस आरोप की प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार ‘मंईयां सम्मान’ जैसी योजनाओं की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ गरीब महिलाओं और उनके परिवारों को इस तरह सड़क पर ला खड़ा किया जा रहा है।
📦 खुले आसमान नीचे सामान बचाने में जुटे पीड़ित: बेघर होने से खड़ा हुआ आजीविका का संकट
जिन परिवारों के आशियाने बुलडोजर की भेंट चढ़ गए, उनके सदस्य रोते-बिलखते हुए मलबे से अपना जरूरी सामान, बर्तन, कपड़े और गृहस्थी की चीजें बाहर निकालते नजर आए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में पिछले कई दशकों से निवास कर रहे हैं। अचानक हुई इस अप्रत्याशित कार्रवाई ने उनके सामने रहने, खाने और बच्चों की सुरक्षा का गंभीर संकट पैदा कर दिया है। लोगों ने जिला प्रशासन से मानवीय आधार पर इस कार्रवाई को तुरंत रोकने और राहत देने की गुहार लगाई है।
👮 स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात: मौके पर तनाव कायम
बढ़ते विरोध और संवेदनशील माहौल को देखते हुए पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार आक्रोशित भीड़ को समझाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। इलाके में फिलहाल स्थिति सामान्य लेकिन तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है।
🏢 नगर निगम का स्पष्टीकरण: ‘हम केवल उपकरण उपलब्ध करा रहे हैं, अभियान जिला प्रशासन का’
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर प्रशासक सुशांत गौरव ने बताया कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान जिला प्रशासन द्वारा संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन ने एचईसी क्षेत्र की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए रांची नगर निगम से सहयोग मांगा था। नगर निगम की भूमिका इस अभियान में केवल आवश्यकतानुसार उपकरण (JCB आदि) और संसाधन उपलब्ध कराने तक सीमित है। मुख्य कार्रवाई और निर्देश जिला प्रशासन के स्तर से ही जारी किए जा रहे हैं।