Raipur Crime News: नवरात्र गरबा में ‘रेंट पर पार्टनर’ देने का झांसा! ठगी का शिकार हुए युवक, पुलिस कमिश्नर से शिकायत
रायपुर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर आयोजित होने वाले रास गरबा उत्सव में पार्टनर भी ‘रेंट’ (किराए) पर उपलब्ध कराने के एक विवादास्पद विज्ञापन ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर तेजी से प्रसारित हो रही एक पोस्ट में गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने के नाम पर सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम जैसे आकर्षक पैकेज का दावा किया गया है। इन पैकेजों की दरें ₹1,000 से लेकर ₹2,000 तक निर्धारित की गई हैं। हालांकि, पोस्ट सामने आने के बाद कई युवकों ने कमेंट कर शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने फॉर्म भरकर पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, लेकिन इसके बाद उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला। इससे इस पूरे मामले के पीछे साइबर फ्रॉड गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।
💳 1,000 से 2,000 रुपये तक के तीन पैकेज का दिया गया ऑफर: सेल्फी और बेसिक स्टेप्स का भी दावा
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में ऑफर के तहत तीन अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं।
सिल्वर पैकेज की कीमत ₹1,000 रखी गई है, जिसमें दो घंटे साथ में गरबा खेलने, मैचिंग आउटफिट पहनने और बुनियादी गरबा स्टेप्स सिखाने का वादा किया गया है। इसके अलावा ₹1,500 के गोल्ड पैकेज में चार घंटे साथ रहने और ₹2,000 के प्लेटिनम पैकेज में पूरे दिन साथ रहकर गरबा करने का लुभावना प्रस्ताव दिया गया है। पैकेजों में साथ में सेल्फी लेने का भी विशेष उल्लेख किया गया है।
📜 कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन: कड़े कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग
इस पोस्ट के सामने आने के बाद धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने और साइबर ठगी के खिलाफ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा खोल दिया है।
प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नवरात्र पूरी तरह से जन-आस्था, साधना और उपासना का पवित्र पर्व है। ऐसे पावन आयोजन के प्रचार-प्रसार में इस प्रकार की अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने पोस्ट को सोशल मीडिया से तुरंत हटवाने और साइबर ठगों व आयोजकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
🏛️ धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा से खिलवाड़ का आरोप: संस्थाओं की भूमिका की होगी जांच
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रास गरबा लोक-संस्कृति और आस्था का अभिन्न अंग है, इसलिए इसकी मर्यादा बनाए रखना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल संबंधित व्यक्तियों या संस्थाओं की भूमिका की विस्तृत जांच हो। यदि जांच में वित्तीय धोखाधड़ी या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
🌐 सोशल मीडिया पर 17 लाख से अधिक व्यूज: साइबर पुलिस ने शुरू की जांच
विवादित पोस्ट को लेकर इंटरनेट मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस पोस्ट को अब तक 17 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं और इस पर सैकड़ों टिप्पणियां आ चुकी हैं। जहां कुछ लोग इसे एक मजाकीय कंटेंट मान रहे थे, वहीं कई यूजर्स ने इसे साइबर फ्रॉड बताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन का कहना है कि ज्ञापन के आधार पर पोस्ट की सामग्री, आईपी एड्रेस और संबंधित बैंक खातों की जांच कराई जा रही है। जांच में कोई भी अवैध या आपत्तिजनक तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।