Rahul Gandhi on CEC: ‘ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा, PM करवाएंगे इस्तीफा’, CWC बैठक में राहुल गांधी का बड़ा दावा
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद को लेकर बड़ा और आक्रामक बयान दिया है।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दो-टूक कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार को अपने पद से हटना ही होगा और उनका इस्तीफा होकर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका इस्तीफा सुनिश्चित करवाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार प्रभारी जयराम रमेश समेत पार्टी के तमाम शीर्ष नेता उपस्थित थे।
🤝 पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात का किया जिक्र: ‘वे बोले- हम वही कर रहे हैं जो इंदिरा जी करती थीं’
बैठक के दौरान अपनी पुरानी बातचीत का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने नेताओं से कहा:
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मुलाकात का खुलासा: राहुल गांधी ने कहा, “आप लोगों को शायद मुझ पर भरोसा नहीं होता, लेकिन मैं आपको बताता हूं—जब मैं एक बैठक के सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिला, तो उन्होंने कहा कि हम तो वही कर रहे हैं जो कभी इंदिरा गांधी जी करती थीं।”
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हंसते हुए पार्टी नेताओं से अपील: उन्होंने चुटकी लेते हुए आगे कहा कि उस बैठक में दोनों नेताओं ने कहा कि उन्हें पता है कि ‘हम जाएंगे तो आप आएंगे।’ राहुल ने मुस्कुराते हुए अपनी पार्टी के नेताओं से कहा कि यदि सामने वाले इस बात पर भरोसा कर रहे हैं कि हम सत्ता में आएंगे, तो आप लोग भी मुझ पर पूरा भरोसा रखिए।
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रामलीला मैदान में महारैली का प्रस्ताव: कांग्रेस सांसद ने स्पष्ट किया कि विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की आगामी बैठक के बाद यह तय किया जाएगा कि दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में महारैली की जाए या राज्यों में बड़े आंदोलन चलाए जाएं। उन्होंने रामलीला मैदान में राष्ट्रव्यापी रैली का प्रस्ताव रखा।
✊ ‘इस्तीफा दें तो बढ़िया, न दें तो और बढ़िया’: आंदोलन जारी रखने का कड़ा संकल्प
सड़क से संसद तक संघर्ष का ऐलान:
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आंदोलन अनवरत रहेगा: राहुल गांधी ने दो-टूक कहा, “यदि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देते हैं तो बहुत बढ़िया, और अगर नहीं देते हैं तो और भी बढ़िया… क्योंकि हमारा यह जन-आंदोलन थमेगा नहीं, बल्कि लगातार चलता रहेगा।”
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मांग पूरी होने तक डटे रहने का आह्वान: उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को संदेश दिया कि जब तक चुनाव आयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और CEC पद नहीं छोड़ते, कांग्रेस इस मुद्दे पर मजबूती से डटी रहेगी।
📑 CWC बैठक में राहुल गांधी ने रखे 3 अहम प्रस्ताव: केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति के समक्ष पेश किए गए तीन प्रमुख बिंदु:
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1. मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: निष्पक्षता के सवाल पर CEC ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से त्यागपत्र दें।
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2. SIR व्यवस्था को रद्द करना: विवादित प्रक्रिया और प्रणाली (SIR) को अविलंब निरस्त (Scrap) किया जाए।
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3. सरकार ले नैतिक जिम्मेदारी: इस पूरे संस्थागत संकट और विवाद की सीधी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री स्वीकार करें।
⚖️ ‘ईवीएम और वोटर लिस्ट में हो रही दोहरी मैच फिक्सिंग’: राज्यों के चुनावों का दिया हवाला
चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी पर तकनीकी और जमीनी आरोप:
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डेटा प्रेजेंटेशन का असर: राहुल गांधी ने कहा, “हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के चुनावों के समय जब मैंने वोट चोरी का मुद्दा उठाया था, तो शुरुआत में लोगों को पूरी बात समझ नहीं आई थी। लेकिन अब दो वर्षों में पूरा माहौल बदला है क्योंकि मैंने तथ्यों और ठोस आंकड़ों के आधार पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया है।”
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दो तरीकों से हेरफेर का आरोप: उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया में दो स्तरों पर मैच फिक्सिंग की जा रही है—पहला, ईवीएम (EVM) के स्तर पर तकनीकी हेरफेर और दूसरा, मतदाता सूची (Voter List) में जानबूझकर बड़े पैमाने पर नाम जोड़ना या काटना।
🏛️ 2019 और 2024 के कानूनों को बताया असंवैधानिक: ‘संसद निलंबन के बीच बनाए गए थे नियम’
चुनावी कानूनों के बदलाव पर केंद्र की घेराबंदी:
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विवादित संशोधन: राहुल गांधी ने कहा कि वर्ष 2019 और 2024 के दौरान बनाए गए संबंधित अधिनियम पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी हैं।
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सांसदों के निलंबन का जिक्र: उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2023 में जब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा नया कानून संसद में लाया गया था, तब विपक्ष के लगभग 100 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सत्तापक्ष को पहले से ही 2024 के परिणामों का डर था, इसलिए नियमों में मनमाना बदलाव किया गया।
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दबाव बनाए रखने का संदेश: राहुल गांधी ने नेताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा, “हमें लगातार डटे रहना है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी किसी को उम्मीद नहीं थी, लेकिन 25 जुलाई को ऐसा हुआ। सरकार दबाव में है और हमें जनहित के मुद्दों पर यह दबाव लगातार बनाए रखना होगा।”