Project Seabird Karwar: कारवार नेवल बेस पर रक्षा कर्मियों के लिए नई आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन, CDS ने दी सौगात
भारतीय नौसेना के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कारवार बेस को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने शनिवार को ‘प्रोजेक्ट सीबर्ड’ के फेज-2A के तहत निर्मित नई आवासीय और बुनियादी सुविधाओं का आधिकारिक उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रोजेक्ट सीबर्ड के महानिदेशक वाइस एडमिरल विवेक दहिया सहित नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
🏡 किन-किन सुविधाओं का किया गया है विकास?
कारवार नेवल बेस के अमादल्ली और मंजिल क्रीक के पूर्वी हिस्से में तैयार की गई इन आधुनिक सुविधाओं में सैन्य परिवारों और कर्मचारियों की सुख-सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है:
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वरिष्ठ नौसैनिकों के परिवारों के लिए 60 आधुनिक आवास।
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रक्षा विभाग के नागरिक (Civilian) कर्मचारियों के लिए 60 आवास।
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डिफेंस सिक्योरिटी कोर (DSC) के 156 जवानों के रहने की विशेष व्यवस्था।
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इसके अलावा नौसैनिक कर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए एक नया किंडरगार्टन स्कूल भी बनाया गया है।
🚢 युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती होगी आसान
प्रोजेक्ट सीबर्ड का फेज-2A कारवार में नौसेना की परिचालन क्षमता (Operational Capability) को कई गुना बढ़ाने की योजना का एक मुख्य हिस्सा है। इसके तहत नौसैनिक अड्डे पर भविष्य के युद्धपोतों और पनडुब्बियों की निर्बाध तैनाती के लिए जरूरी डॉकयार्ड और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इस योजना में आधुनिक नौसैनिक डॉकयार्ड, नौसैनिक एयर स्टेशन और जहाजों व विमानों के लिए उन्नत लॉजिस्टिक्स सुविधाएं स्थापित करना भी शामिल है।
📈 स्थानीय रोजगार और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर
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रोजगार के अवसर: कारवार नौसैनिक अड्डे पर परिवारों सहित करीब 10 हजार सैन्य और नागरिक कर्मियों के रहने की व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे उत्तर कन्नड़ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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90% से ज्यादा स्वदेशी सामान: इस पूरे प्रोजेक्ट में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना का विशेष पालन किया गया है। इसके तहत 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्रोतों से ही जुटाए गए हैं। साथ ही, पर्यावरण मानकों का ध्यान रखते हुए इसे इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल की गोल्ड रेटिंग के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।