Ludhiana Jail News: ब्रौस्टल जेल में बंदियों को मोबाइल और नशा मुहैया कराने का भंडाफोड़, दो अधिकारी सस्पेंड
लुधियाना की ताजपुर रोड स्थित ब्रौस्टल जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जेल के अंदर बंदियों को मोबाइल फोन, नशा और अन्य बेहतर सुविधाएं अवैध रूप से मुहैया कराई जा रही थीं। इस गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डन बलजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस पूरे रैकेट में चार बंदियों को भी आरोपी बनाया गया है, जिनमें विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का एक कथित साथी भी शामिल बताया जा रहा है।
🔍 डिप्टी सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर हुई बड़ी कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, ब्रौस्टल जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) जगजीत सिंह की आधिकारिक शिकायत पर यह सख्त कार्रवाई की गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि जेल के ये कर्मचारी कुछ चुनिंदा बंदियों को चुपचाप मोबाइल फोन, नशा और आरामदायक बैरक जैसी वीआईपी सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे थे।
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इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट एडीजीपी (जेल), डीआईजी जेल सर्कल पटियाला और लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा को भेजी गई थी, जिसके आधार पर सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डन बलजीत सिंह पर गाज गिरी है।
📱 चार बंदी आरोपी, गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का कनेक्शन भी आया सामने
इस मामले में जेल में बंद साहिल, लवप्रीत, अभिषेक और जतिन नामक चार बंदियों को भी नामजद किया गया है। इनमें से एक आरोपी के बारे में यह चर्चा है कि वह फरार गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का करीबी साथी है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुख्ता पुष्टि पुलिस और प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
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गौरतलब है कि इससे पहले भी ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में बंदियों को वीआईपी सुविधाएं और बैरक देने से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। अब ब्रौस्टल जेल में इस तरह के नेटवर्क के खुलासे ने एक बार फिर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, अंदर तक मोबाइल फोन और नशे की पहुंच पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।