एशियाई पैरा खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों का किया अभिनंदन
नई दिल्ली: एशियाई पैरा खेलों में देश का नाम रोशन करने वाले शानदार खिलाड़ियों से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरा एथलीटों के हौसले की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आप सभी पैरा एथलीटों ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि जीवन में सबसे ऊंची उड़ान सिर्फ और सिर्फ बुलंद हौसलों से ही होती है। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्होंने सभी खिलाड़ियों को अपनी ओर से हार्दिक बधाइयां दीं। पीएम मोदी ने कहा कि पैरा खेलों में भारत का 14 से बढ़कर 114 पदकों तक का यह लंबा और प्रेरणादायक सफर हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उनके अटूट समर्पण और सफलता को सुनिश्चित करने के लिए तैयार किए गए एक मजबूत खेल इकोसिस्टम का सीधा परिणाम है।
2014 के बाद बदले हालात का जिक्र करते हुए बोले पीएम मोदी— ‘व्यवस्था की बदहाली और संसाधनों की कमी के बीच देश ने सिर्फ अपने लक्ष्य को देखा’
बुधवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एशियाई पैरा गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल के साथ खुलकर बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद जब देश ने बड़े और नए लक्ष्यों के लिए अपना सफर शुरू किया था, तब ज़मीनी हालात आज से बिल्कुल अलग थे। उस दौर में अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को खेलकूद के क्षेत्र में भेजने से डरते थे और खुद भी असहज रहते थे। प्रशासनिक व्यवस्था की बदहाली, जरूरी संसाधनों की भारी कमी, सपोर्ट सिस्टम का पूर्ण अभाव और पारदर्शिता की कमी के कारण लोग यही मानते थे कि इस सिस्टम का कुछ नहीं हो सकता और चीजें ऐसी ही चलती रहेंगी। लेकिन, जिस प्रकार आप सभी खिलाड़ियों ने किसी भी मुश्किल और बाधा के सामने घुटने नहीं टेके, ठीक उसी तरह देश ने भी अपनी तमाम पुरानी कमजोरियों को पीछे छोड़ते हुए सिर्फ अपने बड़े लक्ष्यों की ओर देखना शुरू किया।
युवाओं की प्रतिभा को बर्बाद नहीं होने देने का लिया गया संकल्प, खेलों के प्रति देश में पैदा हुई है एक पूरी तरह से नई सोच और अप्रोच
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह दृढ़ संकल्प लिया था कि वह देश के किसी भी युवा की अद्भुत प्रतिभा को यूं ही बर्बाद नहीं होने देगी। यही वजह है कि जो पुराना सिस्टम प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने से रोकता था, हमने उस व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का बीड़ा उठाया। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि आज देश के भीतर खेलों को लेकर एक बिल्कुल नई सोच और आधुनिक अप्रोच पैदा हुई है। आज यदि देश के किसी भी युवा को अपने टैलेंट और मेहनत पर अटूट भरोसा है, तो उसके मन में यह पूरा विश्वास भी रहता है कि उसका अपना देश हर कदम पर उसके साथ मजबूती से खड़ा है।
30 स्वर्ण और 5 नए विश्व रिकॉर्ड के साथ कुल 114 पदक जीतकर खिलाड़ियों ने पूरे देश को किया गौरवान्वित, पोडियम पर लहराया तिरंगा
एशियाई पैरा खेलों में भारतीय दल के अभूतपूर्व प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने गर्व के साथ कहा कि इस बार हमारे खिलाड़ियों ने 30 स्वर्ण (गोल्ड), 35 रजत (सिल्वर) और 49 कांस्य (ब्रॉन्ज) मेडल के साथ-साथ 5 नए विश्व रिकॉर्ड और 9 एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम कर पूरे देश को गर्व से भर दिया है। इनमें से चार स्पर्धाएं ऐसी रहीं जिनमें पोडियम पर तीनों स्थानों पर सिर्फ और सिर्फ हमारा तिरंगा और हमारे ही खिलाड़ी नजर आए। प्रतियोगिता के अंतिम दिन तो खिलाड़ियों ने कमाल ही कर दिया और एक ही दिन में 9 स्वर्ण पदक झटक लिए। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो खिलाड़ियों ने यह तय कर लिया हो कि जब तक खेल चल रहे हैं, तब तक पदकों का यह सिलसिला रुकना नहीं चाहिए। इसके अलावा, इस बार दल की 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियों ने मेडल जीतकर अपनी अद्भुत क्षमता का लोहा मनवाया है।
अंतरराष्ट्रीय खेलों में कभी औपचारिकता हुआ करती थी भारत की भागीदारी, अब पैरा खेलों में भी महाशक्ति के रूप में उभर रहा है देश
पैरा स्पोर्ट्स में भारत की ऐतिहासिक छलांग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पुरानी यादों को ताजा किया और कहा कि एक ऐसा समय भी था जब अधिकांश अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की मौजूदगी को सिर्फ एक औपचारिकता मात्र माना जाता था, और पैरा खेलों के मामले में तो हमारा देश काफी पीछे था। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि साल 2010 के एशियाई पैरा खेलों में भारत ने केवल 1 स्वर्ण पदक जीता था और कुल मिलाकर सिर्फ 14 पदक ही अपनी झोली में डाले थे, लेकिन इस बार हमारे जांबाज खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदकों का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है।
परिवार, ट्रेनर्स और कोचेस के योगदान की सराहना, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री की खेल-प्रेमी परंपरा की की प्रशंसा
पीएम मोदी ने कहा कि पैरा एथलीटों के इस असाधारण प्रदर्शन से यह पूरी दुनिया में साबित हो गया है कि आज भारत खेल के वैश्विक मानचित्र पर एक बड़ी ताकत के रूप में तेजी से उभर रहा है। इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारे खिलाड़ियों ने केवल पदक ही नहीं जीते, बल्कि करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीत लिया है। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिजनों, ट्रेनर्स और कोचेस की मेहनत की भी विशेष रूप से सराहना की। इससे पहले, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि चाहे एशियाई खेल हों, राष्ट्रमंडल खेल हों या ओलंपिक हों, पीएम मोदी ने हमेशा हर बड़े टूर्नामेंट के समापन के बाद देश के खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाने की एक बेहतरीन परंपरा की शुरुआत की है, और सबसे बड़ी बात यह है कि उनके प्रोत्साहन में कभी कोई भेदभाव नहीं रहा।