NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट

कोरबा (छत्तीसगढ़): एनटीपीसी के कोरबा स्थित 2600 मेगावाट क्षमता वाले सुपर थर्मल पावर प्लांट में शुक्रवार की शाम एक बड़ा तकनीकी संकट खड़ा हो गया।

अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते प्लांट की सभी सात की सात उत्पादन इकाइयां (यूनिट्स) एक साथ ट्रिप होकर बंद हो गईं। इस आकस्मिक शटडाउन का सीधा असर इस प्लांट से बिजली पाने वाले सात प्रमुख लाभार्थी राज्यों पर पड़ा। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) के बे (Bay) ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान आए इलेक्ट्रिकल फॉल्ट के कारण यह गंभीर तकनीकी खामी पैदा हुई। घटना की सूचना मिलते ही कोरबा से लेकर दिल्ली तक ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों में हड़कंप मच गया। समूह महाप्रबंधक किशोर चंद्र महापात्र सहित तकनीकी विशेषज्ञों व इंजीनियरों की टीम ने स्विचयार्ड पहुंचकर बहाली का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया।

📢 पीआरओ ऊष्मा घोष का आधिकारिक बयान: देर रात शुरू हुआ यूनिट्स की बहाली का काम

प्रबंधन की ओर से दी गई तकनीकी जानकारी:

  • टेस्टिंग के दौरान फॉल्ट: एनटीपीसी कोरबा की जनसंपर्क अधिकारी ऊष्मा घोष ने पुष्टि करते हुए बताया कि PGCIL द्वारा बे में ब्रेकर की टेस्टिंग की जा रही थी, जिस दौरान अप्रत्याशित इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आ गया और सुरक्षा कारणों से सभी जनरेटिंग यूनिट्स ट्रिप हो गईं।

  • बहाली प्रक्रिया जारी: उन्होंने बताया कि यूनिट्स को री-स्टार्ट करने और सामान्य स्थिति बहाल करने का कार्य देर रात ही शुरू कर दिया गया था। अधिकांश इकाइयों को ग्रिड से जोड़ लिया गया है और अन्य तकनीकी पहलुओं पर काम तेजी से चल रहा है।

  • प्लांट का कुल ढांचा: एनटीपीसी कोरबा संयंत्र में 200 मेगावाट की 3 और 500 मेगावाट की 4 इकाइयां संचालित हैं, जिनसे कुल 2600 मेगावाट विद्युत का उत्पादन किया जाता है।

🚨 ब्लैकआउट की घटना बेहद दुर्लभ: स्विचयार्ड में प्रोटेक्शन सिस्टम सक्रिय होने से कटी सप्लाई

दुर्लभ तकनीकी चूक और सुरक्षा प्रणाली:

  • शून्य हुआ उत्पादन: संपूर्ण प्लांट की सभी इकाइयों का एक साथ बंद होना ऊर्जा क्षेत्र में एक अत्यंत दुर्लभ घटना मानी जाती है। फॉल्ट के तुरंत बाद प्लांट का कुल उत्पादन शून्य हो गया और परिसर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई।

  • सुरक्षा कवच की भूमिका: पावर प्लांट में उत्पादित बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने में स्विचयार्ड की केंद्रीय भूमिका होती है। जैसे ही कोई बड़ा फॉल्ट आता है, प्लांट का इंटरनल प्रोटेक्शन सिस्टम सक्रिय होकर सर्किट ब्रेकर को ट्रिप कर देता है, ताकि जनरेटर और ट्रांसफार्मर को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।

  • प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल: हालांकि यह सुरक्षा तंत्र का हिस्सा है, लेकिन रूटीन टेस्टिंग के दौरान पूरे प्लांट का ब्लैकआउट हो जाना प्रबंधन व समन्वय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

🌐 7 राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित: छत्तीसगढ़ समेत पश्चिमी ग्रिड पर पड़ा असर

प्रभावित राज्य और वितरण व्यवस्था:

  • इंटर-स्टेट ग्रिड का संतुलन बिगड़ा: एनटीपीसी कोरबा एक अंतर-राज्यीय विद्युत उत्पादक केंद्र (Inter-State Power Generator) है, जहां से क्षेत्रीय ग्रिड के माध्यम से कई राज्यों को बिजली भेजी जाती है।

  • छत्तीसगढ़ को 30% हिस्सा: प्लांट राज्य के भीतर स्थित होने के कारण राज्य कोटे के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को कुल उत्पादन का लगभग 30% हिस्सा मिलता है, जो अचानक ठप हो गया।

  • अन्य लाभार्थी राज्य: इसके अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा तथा दादरा और नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विद्युत आपूर्ति में भी बड़ा व्यवधान उत्पन्न हुआ।

💸 करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान: महंगे दामों पर बिजली खरीदने को मजबूर डिस्कॉम

वित्तीय हानि और उपभोक्ता प्रभाव:

  • नुकसान का वैज्ञानिक आंकलन: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) और केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के मानकों के आधार पर प्लांट लोड फैक्टर, बंद रहने की अवधि और यूनिट-वार उत्पादन क्षति की गणना की जा रही है, जो करोड़ों रुपये में आंकी गई है।

  • पावर एक्सचेंज से महंगी खरीद: प्लांट से आपूर्ति ठप होते ही ग्रिड की फ्रीक्वेंसी बनाए रखने के लिए राज्यों की वितरण कंपनियों (DISCOMs) को पावर एक्सचेंज या शॉर्ट-टर्म मार्केट से काफी ऊंचे दामों पर अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी।

  • आम जनता पर असर: अचानक हुए इस लोड असंतुलन के कारण कई क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती करनी पड़ी, जिससे घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     🛕 खैरागढ़ के जमातपारा में 300 साल पुराना बनबिहारी मंदिर: कृष्ण भक्ति और रियासतकालीन इतिहास का संगम     |     Durg News: दिव्यांगता को बनाया ताकत, दुर्ग के दृष्टिबाधित शिक्षक अवतार गुप्ता ने की डिजिटल एक्सेसिबिलिटी की मांग     |     Chhattisgarh BJP News: रायपुर में जुटेगा प्रबुद्ध वर्ग और ओबीसी मोर्चा, संगठन महामंत्री पवन साय देंगे चुनावी मंत्र     |     Guru Balakdas Jayanti: पंडरिया में धूमधाम से मनी गुरु बालकदास की 221वीं जयंती, 30 गांवों में निकली भव्य बाइक रैली     |     NTPC Korba Blackout: एनटीपीसी कोरबा की सभी 7 यूनिट्स एक साथ ट्रिप, 7 राज्यों में गहराया बिजली संकट     |     Jashpur News: 850 साल पुराने रियासतकालीन बालाजी मंदिर में गूंजे श्रीकृष्ण के जयकारे, राजपरिवार ने झुलाया झूला     |     CGPSC State Service Exam: कम अभ्यर्थियों के चयन पर सीजीपीएससी का स्पष्टीकरण, 21 सितंबर से साक्षात्कार संभव     |     रायगढ़ जिले के लिए गौरव का पल: प्राथमिक शाला सेमरा की दो शिक्षिकाएं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित     |     रायपुर में शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह: 63 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, 4 को मिला स्मृति पुरस्कार     |     निर्माणाधीन भवन में करंट लगने से मजदूर की दर्दनाक मौत: अरगोड़ा के इमली चौक पर लोगों ने लगाया जाम     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें