MP Youth Voters 2028: 1.41 करोड़ युवा वोटरों पर बीजेपी-कांग्रेस की नजर, रील बनाओ-इनाम पाओ से लेकर युवा धर्म संसद तक होड़
भोपाल। क्या मध्य प्रदेश की राजनीति में अब ‘लाड़ली बहना’ के बाद ‘लाड़ले’ और ‘लाड़लियां’ (युवा वोटर) जीत की चाबी साबित होंगे? क्या 2028 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश का वोटिंग ट्रेंड पूरी तरह बदलने जा रहा है?
चुनाव में लगभग दो से सवा दो साल का समय बाकी है, लेकिन ‘यूथ से बूथ’ को मजबूत करने की रणनीति पर सभी राजनीतिक दलों ने काम करना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2028 के विधानसभा चुनाव तक मध्य प्रदेश में युवा (Gen Z) वोटरों की तादाद 1.41 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी युवा वर्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच अभी से होड़ मच गई है।
📱 रील बनाओ और 1 लाख पाओ: युवा वोटरों को लुभाने के लिए बीजेपी युवा मोर्चा की अनूठी प्रतियोगिता
मध्य प्रदेश के आगामी चुनाव में 1 करोड़ 41 लाख युवा वोटर निर्णायक भूमिका निभाएंगे। बीजेपी की यूथ विंग (भारतीय जनता युवा मोर्चा) इस जेन-ज़ी (Gen Z) पीढ़ी तक उनके ही तरीके, यानी सोशल मीडिया रील (Instagram Reels) के जरिए पहुंचने की तैयारी कर चुकी है।
युवा मोर्चा द्वारा 5 अलग-अलग विषयों पर 60 से 90 सेकंड की रील प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें सर्वश्रेष्ठ रील बनाने वाले युवाओं को 1 लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने बताया, “18 से 25 वर्ष के युवाओं के लिए रील से लेकर भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि उन्हें प्रोत्साहन राशि देकर पार्टी से जोड़ा जा सके।”
🏛️ निकाय चुनाव में युवाओं को मौका: पार्षद से लेकर मेयर तक तय हो रही उम्र की सीमा
उधर, आगामी नगरीय निकाय चुनावों के जरिए बीजेपी 2028 के विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार कर रही है। पार्टी की नई रणनीति के तहत निकाय चुनाव में ज्यादा से ज्यादा युवा चेहरों को टिकट देने की योजना है।
पार्षद से लेकर महापौर (मेयर) पद तक के प्रत्याशियों के लिए उम्र की एक सीमा तय की जा रही है। बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी के अनुसार, “पार्टी की पूरी कोशिश है कि युवाओं को हर स्तर पर पर्याप्त अवसर दिए जाएं। जिस तरह राज्यसभा में युवा चेहरों को मौका मिला है, उसी तर्ज पर निकाय और विधानसभा चुनाव में भी युवाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।”
⚡ राहुल गांधी बनाम मोहन भागवत-नितिन नबीन: सितंबर टॉक की टाइमिंग पर एमपी में सियासी बवाल
19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के ठीक आसपास संघ प्रमुख मोहन भागवत का उज्जैन में ‘युवा धर्म संसद’ में शामिल होना और बीजेपी नेताओं के दौरों की टाइमिंग पर प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है।
कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा का आरोप है, “राहुल गांधी के आने से बीजेपी में इतनी घबराहट और दहशत है कि उनके कार्यक्रम के ठीक आगे-पीछे संघ प्रमुख मोहन भागवत से लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं के दौरे तय किए जा रहे हैं। बीजेपी को डर है कि मध्य प्रदेश का युवा राहुल गांधी के साथ खड़ा होकर उन्हें 2028 और 2029 में सबक सिखाएगा।”
🕉️ भागवत की ‘युवा धर्म संसद’ और नबीन का दौरा: बीजेपी ने आरोपों को नकारा
कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत का उज्जैन दौरा और 18 सितंबर की ‘युवा धर्म संसद’ का कार्यक्रम बहुत पहले से तय था।
वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 17 और 18 सितंबर को मध्य प्रदेश के प्रवास पर रहेंगे। वे 17 सितंबर को दोपहर इंदौर पहुंचकर ‘स्वामित्व योजना’ के अंतर्गत नई राज्यव्यापी पंजीयन प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे और शाम को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद 18 सितंबर को सुबह उज्जैन में महाकाल भस्म आरती में शामिल होकर पंजाब रवाना होंगे।