MP Rajya Sabha Election Row: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर अभिषेक मनु सिंघवी का वार; कहा- फैसला कानूनन गलत
मध्य प्रदेश: मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन पत्र खारिज होने के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस फैसले की कानूनी वैधता को चुनौती देते हुए इसे पूरी तरह ‘गलत और पक्षपाती’ बताया है। सिंघवी का तर्क है कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला (Criminal Case) साबित नहीं है, केवल एक नोटिस के आधार पर नामांकन रद्द करना कानून के खिलाफ है।
🖋️ सिंघवी का कानूनी तर्क: ‘जब तक सुनवाई नहीं, तब तक अपराध नहीं’
सिंघवी ने स्पष्ट किया कि किसी भी लंबित न्यायिक मामले की जानकारी नामांकन में तभी देनी होती है, जब उस पर कोर्ट द्वारा कोई ठोस कार्रवाई या संज्ञान लिया गया हो। उन्होंने कहा, “नटराजन को नोटिस जरूर मिला था, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में इसे आधार बनाकर नामांकन निरस्त करना न्यायिक प्रक्रिया के सिद्धांतों के विपरीत है।”
🗣️ दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी का तीखा हमला
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दिग्विजय सिंह: उन्होंने इस घटना को ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘सीट चोरी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि जिस मामले को आधार बनाया गया, न तो उसकी FIR है और न ही वह केस रजिस्टर है।
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जीतू पटवारी: एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पूरी पटकथा भाजपा और चुनाव आयोग द्वारा पहले से लिखी गई थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी दस्तावेज सही थे, लेकिन सत्ता के दबाव में नामांकन रद्द कराया गया।
🗳️ राज्यसभा चुनाव की सियासत गरमाई
मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का आक्रोश चरम पर है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दरकिनार कर रही है। नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद, अब राज्य में चुनाव प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।