Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठाए सवाल
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को NEET और TET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक का मुद्दा पूरी तरह छाया रहा। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से न केवल महाराष्ट्र की बदनामी हो रही है, बल्कि लाखों छात्रों और शिक्षकों का भविष्य अंधकार में डूबा हुआ है।
🕵️ “आरोपियों की गिरफ्तारी ही काफी नहीं, रैकेट का हो पर्दाफाश”
चर्चा के दौरान वडेट्टीवार ने मांग की कि केवल छोटी मछलियों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने पेपर सेट करने वाली एजेंसियों और संबंधित कंपनियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे रैकेट को बेनकाब करने की मांग की। उन्होंने वर्ष 2018 के TET घोटाले का जिक्र करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि मामले से जुड़ी ‘क्रिस्टल’ कंपनी का नाम बार-बार सामने आना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
🚶 विपक्ष का सदन से वॉकआउट
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस अत्यंत गंभीर विषय पर न तो स्पष्ट जवाब दे पा रही है और न ही उन्हें सदन में अपनी बात पूरी तरह रखने का मौका दिया जा रहा है। सरकार के रवैये से नाराज महाविकास आघाड़ी (MVA) के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का कहना है कि सरकार की विफलता के कारण ही परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार गिरती जा रही है।
🛡️ छात्रों के विश्वास की बहाली जरूरी
वडेट्टीवार ने सरकार को चेताया कि यदि जल्द ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो छात्रों का परीक्षा प्रणाली से पूरी तरह भरोसा उठ जाएगा। विधानसभा में हुआ यह राजनीतिक टकराव राज्य सरकार की जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था के ढांचे पर बड़े प्रश्नचिह्न लगा गया है।