Ludhiana Crime: धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा में चोरी करने वाला अंतरराज्यीय महिला गिरोह गिरफ्तार, मोती नगर पुलिस की कार्रवाई
लुधियाना: महानगर के वर्धमान चौक स्थित ग्लाडा (GLADA) ग्राउंड में आयोजित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भव्य श्री हनुमंत कथा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का नाजायज फायदा उठाने वाले एक अंतर-राज्यीय महिला गिरोह का कमिश्नरेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
थाना मोती नगर की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस शातिर गिरोह की चार महिला सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह कथा पंडाल में आने वाली महिला श्रद्धालुओं के गले से सोने की चेन खींचने, बैग से पर्स काटने और महंगे मोबाइल फोन चुराने में सक्रिय था। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
🕵️♂️ गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी: राम दरबार मंदिर के पास पार्क से हिरासत में ली गईं आरोपी
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी का घटनाक्रम:
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गश्त पर थी पुलिस पार्टी: मामले की जानकारी साझा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 26 सितंबर को थाना मोती नगर के एएसआई (ASI) अजय सिंह अपनी टीम के साथ सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मद्देनजर इलाके में गश्त पर थे।
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मुखबिर से मिला इनपुट: इसी दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि GLADA ग्राउंड के सामने, वर्धमान फैक्ट्री (चंडीगढ़ रोड) में चल रहे विशाल धार्मिक समागम में अंतर-राज्यीय महिला गिरोह सक्रिय है, जो श्रद्धालुओं के कीमती गहनों और सामान पर हाथ साफ कर रहा है।
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तत्काल घेराबंदी: सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके को घेरा और राम दरबार मंदिर के सामने बने पार्क में संदिग्ध अवस्था में बैठी चार महिलाओं को हिरासत में ले लिया।
📋 दिल्ली और उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं आरोपी महिलाएं: पहचान का हुआ खुलासा
गिरफ्तार की गई आरोपियों का विवरण:
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सीमा: पत्नी गोबिंद (निवासी: फूलमंडी, थाना कोतवाली, नई दिल्ली)
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रैनू: पत्नी लखन (निवासी: फूलमंडी, थाना कोतवाली, नई दिल्ली)
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किरण देवी: पत्नी मनोज रविदास (निवासी: गांव यमनापुर, जिला उन्नाव, उत्तर प्रदेश)
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कविता: पुत्री मुरारी (निवासी: कसाई मोहल्ला, कानपुर, उत्तर प्रदेश)
🔪 धार्मिक मेलों में धक्का-मुक्की कर पलक झपकते उड़ाती थीं सामान: जानिए इनके काम करने का तरीका
वारदात को अंजाम देने का तरीका (Modus Operandi):
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भीड़ और आयोजनों की रेकी: प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी महिलाएं विशेष रूप से बड़े धार्मिक आयोजनों, कथाओं और मेलों को अपना निशाना बनाती थीं।
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ध्यान भटकाकर चोरी: पंडाल में आरती, भजन या प्रवचन के दौरान जब श्रद्धालुओं का पूरा ध्यान कथा पर होता था, तब ये महिलाएं जानबूझकर धक्का-मुक्की का माहौल बनाती थीं और पीड़ित को घेर लेती थीं।
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ब्लेड से पर्स काटना और चेन खींचना: इसके बाद ब्लेड या कटर से बैग-पर्स काटकर या गले से झपट्टा मारकर सोने की चेन और स्मार्टफोन निकाल लेती थीं।
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सामान तुरंत पास करना: चोरी की वारदात को अंजाम देते ही यह सामान तुरंत गिरोह की दूसरी महिला सदस्य को थमा देती थीं, जिससे मौके पर तलाशी लेने पर भी किसी प्रकार का शक न हो।
📹 CCTV फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस: अन्य राज्यों से जुटाया जा रहा आपराधिक रिकॉर्ड
आगामी कानूनी प्रक्रिया और जांच के बिंदु:
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केस दर्ज: थाना मोती नगर पुलिस ने पकड़ी गई चारों महिला आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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फुटेज की पड़ताल: पुलिस कथा स्थल और मुख्य प्रवेश-निकास द्वारों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अब तक कितने श्रद्धालुओं का सामान चोरी हुआ है।
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आपराधिक इतिहास की जांच: आरोपियों का पिछला रिकॉर्ड खंगालने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क साधा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह के पीछे कोई अन्य पुरुष या महिला मास्टरमाइंड तो शामिल नहीं है।