झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत ममाइल गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे आदिम जनजाति समुदाय के एक मजदूर की खूंटी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पहचान गढ़वा जिले के रंका प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बरवाडीह गांव निवासी रामदेव कोरवार के रूप में हुई है। वह पिछले करीब 15 दिनों से ममाइल स्थित निर्माण स्थल पर रहकर मजदूरी का काम कर रहा था, जिससे उसके परिवार और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई है।
🩺 अचानक तबीयत बिगड़ने पर खूंटी सदर अस्पताल किया गया था रेफर, तड़के हुई मौत
परिजनों और साथियों से मिली जानकारी के अनुसार, रामदेव कोरवा पिछले दो-तीन दिनों से बीमार चल रहा था और स्थानीय स्तर पर ही दवा ले रहा था। इसी बीच अचानक तेज बुखार और गंभीर स्थिति होने पर उसे सबसे पहले बंदगांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे खूंटी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात गंभीर अवस्था में उसे खूंटी लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन तड़के करीब चार बजे उसकी मौत हो गई। खूंटी सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद उरांव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर शव को वाहन से पैतृक गांव गढ़वा भेजने की व्यवस्था कर दी है।
🚛 ठेकेदार ने दी जानकारी: मुंशी की सूचना पर तुरंत भिजवाया गया था अस्पताल
निर्माण कार्य करवा रही एजेंसी के संवेदक संजीत कुमार ने बताया कि कंस्ट्रक्शन साइट पर मृतक के फूफा मंजीत कोरवा बतौर मुंशी कार्य करते हैं और उनके जरिए ही ग्रामीण इस कार्य से जुड़े थे। मुंशी द्वारा तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही तत्काल वाहन की व्यवस्था कर मजदूर को अस्पताल भिजवाया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।