Kainchi Dham Connectivity Update: श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी, काठगोदाम और ज्योलीकोट से जुड़ेगा कैंची धाम
उत्तराखंड में काठगोदाम से नैनीताल और कैंची धाम तक प्रस्तावित महत्वाकांक्षी रोपवे प्रोजेक्ट को अब तेजी से धरातल पर उतारने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इसी सिलसिले में हाल ही में हल्द्वानी में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव ऊर्जा, नियोजन, सिंचाई एवं लघु सिंचाई आर. मीनाक्षी सुंदरम ने की, जिसमें रोपवे परियोजना से जुड़े तमाम अहम पहलुओं और अड़चनों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अधिकारियों को प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए.
🛣️ 2. काठगोदाम और ज्योलीकोट से सीधे जुड़ेगा कैंची धाम, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया कि प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क के तहत काठगोदाम और ज्योलीकोट को सीधे कैंची धाम से भी जोड़ा जाएगा. बाबा नीब करौली महाराज के धाम में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस कनेक्टिविटी को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले यात्रियों की सड़क मार्ग पर निर्भरता काफी हद तक कम हो जाएगी और वे सुगमता से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.
🌉 3. रेलवे स्टेशन से रोपवे स्टेशन तक बनेगा 250 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज, पार्किंग विकसित करने का भी प्रस्ताव
यात्रियों की सुविधा के लिए काठगोदाम रेलवे स्टेशन से सड़क रोडवेज परिसर तक लगभग 250 मीटर लंबे फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किए जाने पर भी चर्चा हुई. इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को बिना किसी ट्रैफिक जाम या परेशानी के सीधे रोपवे स्टेशन तक की आसान कनेक्टिविटी देना है. इसके साथ ही काठगोदाम व आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया गया है.
📏 4. 14.9 किलोमीटर लंबा होगा रोपवे मार्ग, पांच स्टेशनों के बीच 375 रुपये प्रस्तावित है एक तरफ का किराया
प्रस्तावित काठगोदाम-नैनीताल रोपवे की कुल लंबाई लगभग 14.9 किलोमीटर होगी, जिस पर कुल पांच स्टेशन (काठगोदाम, रानीबाग, भुजियाघाट, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी) बनाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 58 टावर लगाने का प्रस्ताव है. नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के अनुसार, रानीबाग से हनुमानगढ़ी तक का एक तरफ का किराया करीब 375 रुपये प्रति व्यक्ति प्रस्तावित किया गया है, और इसकी क्षमता प्रति घंटे 18 हजार यात्रियों को ले जाने की होगी. पहाड़ी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी.