Jharkhand Politics: चुनाव आयोग के खिलाफ राजद और माले का हल्ला बोल, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला
रांची: झारखंड राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उपाध्यक्ष अनिता यादव के नेतृत्व में चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। उन पर ‘जनमत की चोरी’ करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई है। राजद कार्यकर्ताओं ने रांची यूनिवर्सिटी गेट से लेकर परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक तक पार्टी के झंडे-बैनर और ज्ञानेश कुमार के पुतले के साथ एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। यहां केंद्र सरकार और भाजपा के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उनका पुतला दहन किया गया।
🗣️ ‘वोटरों को किया गया संवैधानिक अधिकार से वंचित’
झारखंड राजद की प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब दो अन्य चुनाव आयुक्तों के 14 बार लिखे गए पत्र से यह साफ हो गया है कि देश के चुनाव में मुख्य चुनाव आयुक्त जनमत की चोरी करा रहे थे। SIR और बांग्लादेशी के नाम पर बड़ी संख्या में वोटरों को उनके मौलिक और संवैधानिक वोट देने के अधिकार से पूरी तरह वंचित कर दिया गया।”
अनिता यादव ने आगे कहा कि ऐसे में अब साफ है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। चुनाव आयोग के खिलाफ हुए इस उग्र प्रदर्शन में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष इरफान अहमद अंसारी, एसडी सिंह, मनोज पांडेय, रामकुमार यादव सहित बड़ी संख्या में राजद के कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए।
🚩 धनबाद में भी उबाल: माले और AISA के छात्रों ने किया जोरदार प्रदर्शन
वहीं, धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर शनिवार को भाकपा माले (CPI ML) ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया। इस विरोध प्रदर्शन में आइसा (AISA) से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी प्रदर्शनकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित भारी अनियमितताओं की जांच कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई।
⚖️ ‘मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद, समझौता मंजूर नहीं’
भाकपा माले नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में मतों की कथित हेराफेरी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नेताओं ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे मजबूत बुनियाद है और मतदाताओं के इस अधिकार के साथ किसी भी तरह का समझौता कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने याद दिलाया कि इसी मुद्दे को लेकर पार्टी की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी बड़ा आंदोलन किया गया था। वहां पार्टी महासचिव, किसान नेता पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, बुद्धिजीवी योगेंद्र यादव और छात्र नेता नेहा समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
📢 निष्पक्ष जांच और दोबारा चुनाव की मांग
प्रदर्शन के दौरान माले नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ कथित चुनावी अनियमितताओं की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। साथ ही बिहार, पश्चिम बंगाल समेत उन राज्यों में दोबारा चुनाव कराने की पुरजोर मांग की गई, जहां पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। माले नेताओं ने ऐलान किया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के मुद्दे पर उनका यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और झारखंड से लेकर दिल्ली तक इसकी आवाज उठाई जाएगी।