नैला रेलवे स्टेशन पर भारी बवाल! विधायकों और व्यापारियों ने पटरी पर उतर किया चक्काजाम, जानें किस आश्वासन पर माने प्रदर्शनकारी
जांजगीर चांपा : जांजगीर चांपा जिला मुख्यालय के नैला रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार सुबह 6 बजे से शुरू किया गया चक्काजाम समाप्त हो गया है. रेलवे, जिला प्रशासन और विधायक के साथ आंदोलन में बैठे व्यापारियों के साथ हुई त्रिपक्षीय वार्ता विफल होने के बाद फिर से जिला प्रशासन ने आंदोलनकारियों से चर्चा की.इसके बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर एडिशनल कलेक्टर और SDM ने लिखित आश्वासन दिया. साथ ही साथ सभी कार्यों की मानिटरिंग के लिए टीम गठित कर प्रत्येक महीना कार्य के प्रगति की समीक्षा करने का आश्वासन दिया.
शुक्रवार से विधायक दे रहे थे धरना
6 मार्च सुबह 6 बजे जांजगीर चांपा विधायक ब्यास कश्यप अपने समर्थकों के साथ नैला रेलवे स्टेशन के पास परशुराम चौक के पास चक्का जाम करने और नगर बंद करने निकल पड़े. परशुराम चौक के बीच सड़क मे टेंट लगा कर चक्का जाम कर दिया. विधायक को चक्का जाम में बैठा देख व्यापारियों ने भी अपनी दुकान नहीं खोली और आंदोलन को समर्थन किया. वत्त बीतने के साथ लोगों की भीड़ पंडाल में पहुंचने लगी. इस दौरान इस बात का ध्यान रखा गया और बाईपास सड़क को स्कूली बस, एम्बुलेंस के साथ बाइक कार चालकों के लिए खुला रखा गया.
नैला रेलवे स्टेशन परिक्षेत्र में विकास कार्यों की मांग
आंदोलन में अकलतरा के कांग्रेसी विधायक राघवेन्द्र सिंह, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, और चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव शामिल हुए. सभी जनप्रतिनिधियों ने नैला में रेलवे ओवर ब्रिज, नहरिया बाबा मंदिर के पास रैम्प और चांपा मिशन अस्पताल के पास रेलवे अंडर ब्रिज बनाने के साथ नैला रेलवे स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेनों की स्टापेज देने की मांग का समर्थन किया.
लिखित आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त
चक्काजाम में पहले दौर की वार्ता विफल होने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने पहल की और जिला प्रशासन के साथ विधायक और आंदोलनकारियो के बीच दूसरे चरण की वार्ता कराई. कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से एडिशनल कलेक्टर,एसडीएम ने सभी मांगों को पूरा कराने का लिखित आश्वासन दिया. साथ ही ओवर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया, अंडर ब्रिज निर्माण की प्रक्रिया और अन्य मांगों पर हर माह बैठक कर प्रोग्रेस रिपोर्ट लेने का भी आश्वासन दिया गया. जिला प्रशासन से मिले लिखित आश्वासन के बाद नगर बंद और चक्का जाम को समाप्त किया गया.
डीएम जनमेजय महोबे जी से दूरभाष के माध्यम से बात हुई. साथ ही साथ एडीएम समेत अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा हुई.इस दौरान हमारी जो पांच मांगें हैं उन पर विचार करने की बात हुई.हर महीने मांगों को लेकर किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग करने पर सहमति बनी.इस बात का लिखित आश्वासन हमें दिया गया है.इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया – ब्यास कश्यप, विधायक
पहले दौर की वार्ता हो गई थी विफल
सुबह 6 बजे से शुरू हुए चक्का जाम और नगर बंद को देखते हुए जिला प्रशासन से एडीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम तहसीलदार और रेलवे के एडीआरएम जेएस मीणा, CPM राजीव कुमार, CDCM अनुराग कुमार सिंह ने विधायक और आंदोलनकारियों के साथ बैठक की. अफसरों ने सभी मांगों को आगे बढ़ाने की चर्चा की लेकिन लिखित में कुछ भी आश्वासन देने से रेलवे के अधिकारियों ने इंकार कर दिया.इसके बाद विधायक के साथ आंदोलनकारी भी बैठक छोड़कर आंदोलन में बैठ गए.
