How to Deactivate FASTag: पुरानी कार बेच दी है तो तुरंत डिएक्टिवेट करें FASTag, वरना कटता रहेगा आपका पैसा; जानें सही तरीका
यदि आपने अपनी पुरानी कार बेच दी है, तो केवल वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र (RC) और अन्य कानूनी कागजात नए खरीदार के नाम ट्रांसफर करके बिल्कुल निश्चिंत न बैठें।
कार की बिक्री पूरी होने के तत्काल बाद अपने वाहन से जुड़े FASTag को डिएक्टिवेट (Deactivate) अथवा बंद कराना भी उतना ही अनिवार्य है। इस तकनीकी प्रक्रिया को नजरअंदाज करने पर आपको वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, जब नया वाहन स्वामी कार लेकर किसी भी राष्ट्रीय या राज्य टोल प्लाजा से गुजरेगा, तो टोल टैक्स की राशि सीधे आपके बैंक खाते अथवा लिंक्ड वॉलेट से कटती रहेगी। अधिकांश लोगों को इसका अहसास तब होता है जब उनके खाते से लगातार पैसे कटने के एसएमएस आते हैं। अतः गाड़ी सौंपते ही यह जरूरी कार्य प्राथमिकता से निपटाएं।
📡 FASTag बंद करना क्यों अनिवार्य है: जानिए NHAI के आधिकारिक दिशा-निर्देश
तकनीकी कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के नियम:
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आरएफआईडी तकनीक पर आधारित: FASTag वाहन की विंडशील्ड पर चिपकाया जाने वाला एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टैग होता है, जो आपके विशिष्ट FASTag वॉलेट या बचत खाते से जुड़ा रहता है।
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ऑटो-डेबिट सिस्टम: जैसे ही वाहन टोल लेन से गुजरता है, वहां लगा ऑटोमैटिक स्कैनर विंडशील्ड पर लगे टैग को स्कैन कर लेता है और निर्धारित टोल शुल्क स्वतः कट जाता है।
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टैग हटाने का नियम: यदि आपने टैग बंद नहीं कराया, तो वह सक्रिय रहेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के अनुसार, कार की बिक्री या स्वामित्व हस्तांतरण के उपरांत पुराने मालिक को अपने संबंधित जारीकर्ता बैंक से संपर्क करके FASTag बंद कराना आवश्यक है, क्योंकि नया मालिक अपने नाम पर नया FASTag जारी करवाता है।
💰 FASTag वॉलेट में बचे बैलेंस का क्या होगा: जानें रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया
अवशेष राशि की सुरक्षित वापसी:
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वॉलेट बैलेंस की जांच: कार को हैंडओवर करने और FASTag क्लोजर का अनुरोध करने से पूर्व अपने फास्टैग वॉलेट का कुल बैलेंस अवश्य जांच लें।
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रिफंड का अनुरोध: अकाउंट क्लोजर रिक्वेस्ट सबमिट करते समय संबंधित बैंक से शेष बची राशि और सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा निधि) के रिफंड के विषय में स्पष्ट जानकारी मांगें।
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सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर: प्रत्येक बैंक और वित्तीय संस्थान की रिफंड नीति व सत्यापन प्रक्रिया अलग-अलग होती है। आवश्यक सत्यापन पूरा होने के बाद बचा हुआ शेष धन सीधे आपके पंजीकृत मूल बैंक खाते में अंतरित कर दिया जाता है।
📱 FASTag कैसे डिएक्टिवेट करें: बैंक पोर्टल और कस्टमर केयर से प्रक्रिया
अकाउंट क्लोज करने के प्रमुख चरण:
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जारीकर्ता बैंक की पहचान: सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपका FASTag किस बैंक (जैसे SBI, ICICI, HDFC, Axis आदि) या एजेंसी द्वारा जारी किया गया था।
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हेल्पलाइन अथवा पोर्टल से संपर्क: संबंधित बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें अथवा उनकी आधिकारिक FASTag नेट बैंकिंग वेबसाइट/मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें।
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विवरण साझा करें: बैंक प्रतिनिधि को बताएं कि आपने वाहन बेच दिया है और टैग बंद कराना चाहते हैं। इसके लिए आपका पंजीकृत मोबाइल नंबर, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) और टैग आईडी जैसी प्राथमिक जानकारियां मांगी जाएंगी।
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सत्यापन उपरांत बंदी: विवरण सत्यापित होते ही बैंक द्वारा FASTag को स्थायी रूप से निष्क्रिय (Deactivate) करने की प्रक्रिया पूर्ण कर दी जाएगी।
📋 FASTag बंद कराने से पहले ये जरूरी काम अवश्य करें: IHMCL हेल्पलाइन की सुविधा
सुरक्षा उपाय और महत्वपूर्ण सावधानियां:
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स्टेटस अवश्य जांचें: क्लोजर रिक्वेस्ट सबमिट करने के कुछ घंटों बाद बैंक पोर्टल या ऐप में लॉगिन कर स्टेटस की पुष्टि अवश्य कर लें कि टैग पूरी तरह ‘Inactive’ या ‘Closed’ दिखाई दे रहा है।
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टैग को विंडशील्ड से हटाएं: गाड़ी नए मालिक को सौंपने से पहले संभव हो तो पुराना FASTag विंडशील्ड से खुरचकर पूरी तरह नष्ट कर दें ताकि उसका दुरुपयोग न हो सके।
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IHMCL से सहायता: यदि बैंक स्तर पर अनुरोध के बावजूद फास्टैग बंद करने में विलंब हो रहा हो, तो आप नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंतर्गत संचालित ‘IHMCL’ की हेल्पलाइन नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कराकर त्वरित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।