Gaya Cyber Fraud Case: बिहार में चल रहा था अंतरराज्यीय साइबर ठगी का मिनी कॉल सेंटर, लोन और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़
गयाजी: बिहार राज्य के भीतर साइबर अपराधों पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) ने एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है। यह शातिर गिरोह देश भर के भोले-भाले नागरिकों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और बेहद कम ब्याज दरों पर आसानी से लोन पास कराने का लालच देकर उनके साथ करोड़ों रुपये की ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इस गैंग ने अपनी अवैध गतिविधियों को छुपाने के लिए गयाजी शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खरखुरा (अशोक नगर) इलाके में एक रिहायशी मकान को किराए पर ले रखा था और वहीं से एक गुप्त मिनी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था।
गयाजी पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त
इस पूरे मामले की भनक लगते ही गयाजी साइबर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध मकान को चारों तरफ से घेर लिया और मौके से दो शातिर आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस के दबिश देने पर दोनों आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें सुरक्षा बलों ने खदेड़ कर पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान अजीत कुमार और दीपक कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कमरे से 11 स्मार्टफोन, 11 अतिरिक्त सिम कार्ड, चार्जर समेत एक लैपटॉप, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक डेबिट कार्ड और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
गयाजी थाने में दर्ज हुआ मामला, पिछले एक साल से सक्रिय था ठगी का यह ठिकाना
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ गयाजी थाने में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच-पड़ताल में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह संगठित गिरोह पिछले लगभग एक साल से इसी किराए के ठिकाने से अवैध कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को ठग रहा था। जब राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों का गहन तकनीकी विश्लेषण किया गया, तो सीसीसू (CCSU) की तकनीकी टीम को इस बात का पुख्ता सुराग मिला कि देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज कराई जा रही ऑनलाइन शिकायतों में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों का टॉवर लोकेशन और आईएमईआई (IMEI) नंबर लगातार डेल्हा के खरखुरा इलाके में ही एक्टिव मिल रहे थे।
डिजिटल फुटप्रिंट की ट्रैकिंग से हुआ खुलासा, ब्रांडेड फोन्स का इस्तेमाल कर देते थे वारदातों को अंजाम
जब इन संदिग्ध मोबाइल नंबरों के डिजिटल फुटप्रिंट को गहराई से ट्रैक किया गया, तो अशोक नगर स्थित इस मकान का सटीक पता सामने आ गया। पुलिस की तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि ये शातिर ठग आम जनता से बातचीत करने के लिए आईफोन एक्सआर (iPhone XR), वनप्लस सीआई-4, विवो वी-50 और सैमसंग ए06 जैसे महंगे ब्रांडेड स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल किया करते थे। आरोपी खुद को किसी प्रतिष्ठित बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों को फोन मिलाते थे।
200 से अधिक राज्यों की शिकायतें आईं सामने, गिरोह ने की है एक करोड़ से अधिक की ठगी
कॉल पर बातचीत के दौरान आरोपी ग्राहकों को कार्ड की लिमिट अपग्रेड करने या आसान शर्तों पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनसे ओटीपी (OTP) और उनके गोपनीय बैंकिंग विवरण हासिल कर लेते थे, और फिर पलभर में बैंक खाते को पूरी तरह खाली कर देते थे। जब जब्त किए गए सभी फोन्स और सिम कार्ड्स की जांच एनसीआरपी पोर्टल पर कराई गई, तो देश के अलग-अलग राज्यों से इस गैंग के खिलाफ 200 से अधिक शिकायतें दर्ज पाई गईं। पुलिस द्वारा जुटाए गए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा अब तक लगभग एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी किए जाने का अनुमान लगाया गया है।