Chhattisgarh Cow Death Case: चारा-पानी के अभाव में 30 मवेशियों ने तोड़ा दम! सूरजपुरा गोठान में भुखमरी से मौत का आरोप
भाटापारा। शहर से लगे निकटवर्ती ग्राम सूरजपुरा स्थित गोठान में करीब 30 गायों की संदिग्ध मौत की दुखद खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी और हड़कंप मच गया है। इतनी बड़ी संख्या में बेजुबान मवेशियों की अकाल मौत ने गोठान की प्रशासनिक व्यवस्था, रखरखाव और देखभाल के दावों की पोल खोलकर रख दी है। हालांकि, गायों की मौत का वास्तविक और आधिकारिक कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। पशु चिकित्सा विभाग की जांच और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह उजागर हो पाएगी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गोसेवक तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
🏚️ ‘दो महीने से बंधक जैसी स्थिति में थीं गायें’: भूख और प्यास से तड़पकर दम तोड़ने का दावा
घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद गोसेवकों ने आरोप लगाया है कि गोठान में पिछले करीब दो महीनों से गायों को कथित रूप से बंधक जैसी स्थिति में रखा गया था।
गोसेवकों का कहना है कि मवेशियों को समय पर पर्याप्त चारा और पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। भुखमरी और कुपोषण के कारण पशुओं की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती चली गई और अंततः तड़प-तड़पकर कई गायों की मौत हो गई। आक्रोशित गोसेवकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
⚖️ सरपंच और सचिव की भूमिका पर उठे सवाल: ग्रामीणों पर दोष मढ़ने से आक्रोश बढ़ा
गायों की इस दर्दनाक मौत को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच और पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दूसरी ओर, यह बात भी सामने आई है कि ग्राम सचिव द्वारा इस घटना के लिए अप्रत्यक्ष रूप से ग्रामीणों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की जा रही है। पंचायत प्रशासन द्वारा अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ने की कोशिशों से स्थानीय निवासियों और गोसेवकों में भारी आक्रोश है। अब मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक जिम्मेदारों की भूमिका तय करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग तेज हो गई है।