जबलपुर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: पंचायत बाबू सुभाष शर्मा के 5 ठिकानों पर छापा, मिली साढ़े 5 गुना अधिक अकूत संपत्ति
जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जबलपुर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार तड़के एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने शनिवार प्रातः काल पंचायत विभाग में कार्यरत सहायक ग्रेड-2 (क्लर्क) सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित निजी आवास सहित सिवनी और जबलपुर के कुल पांच विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। आरोपी सुभाष शर्मा वर्तमान में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र सिवनी में पदस्थ है।
🏠 आलीशान मकान में लगवा रखी थी लिफ्ट, 500 ग्राम सोना और सवा किलो चांदी के आभूषण बरामद
लोकायुक्त पुलिस की प्रारंभिक जांच और संपत्ति के भौतिक सत्यापन में भ्रष्टाचार की परतें उधड़ती चली गईं।
छापेमारी के दौरान आरोपी के आवास से 500 ग्राम सोने के आभूषण, सवा किलो चांदी के गहने तथा कई अन्य बहुमूल्य व महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। जांच अधिकारियों को यह देखकर भारी आश्चर्य हुआ कि आरोपी क्लर्क ने अपने दो मंजिला निजी आवास के प्रथम तल तक जाने के लिए निजी लिफ्ट भी लगवा रखी थी।
📄 पत्नी के नाम पर खरीदी गई थीं अधिकांश जमीने, फार्महाउस में बन रहा था भव्य मैरिज गार्डन
लोकायुक्त दल को तलाशी अभियान के दौरान जो भी अचल संपत्तियों के विलेख व दस्तावेज प्राप्त हुए हैं, उनका बारीकी से वैधानिक मूल्यांकन किया जा रहा है।
प्रारंभिक तफ्तीश में यह बात उजागर हुई है कि सुभाष शर्मा ने काली कमाई के एक बड़े हिस्से का निवेश अचल संपत्ति (जमीन और आवासीय मकानों) में किया था। इनमें से अधिकांश बहुमूल्य संपत्तियां आरोपी ने अपनी पत्नी शीला शर्मा के नाम पर क्रय कर रखी थीं। इसके अतिरिक्त, पाटन के लाहौरी स्थित फार्म हाउस में एक बड़ा बारात घर (मैरिज गार्डन) बनाने की तैयारी चल रही थी, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर था।
💰 ज्ञात आय से 543% अधिक अनुपातहीन संपत्ति, 1989 में सहायक ग्रेड-3 से शुरू की थी नौकरी
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सुभाष शर्मा ने वर्ष 1989 में बतौर सहायक ग्रेड-3 (कनिष्ठ लिपिक) अपनी शासकीय सेवा प्रारंभ की थी।
अपनी संपूर्ण सेवा अवधि के दौरान प्राप्त कुल वैध आय की तुलना में आरोपी के पास से 543.19 प्रतिशत यानी करीब साढ़े पांच गुना अधिक अनुपातहीन संपत्ति पाई गई है। प्राथमिक प्रशासनिक आकलन में इस अकूत बेनामी संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है। जांच टीम को आरोपी के दो तथा उसकी पत्नी के चार चालू बैंक खातों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिनकी वित्तीय पड़ताल हेतु संबंधित बैंकों से अधिकृत रिकॉर्ड मांगा गया है।
⚖️ लोकायुक्त महानिदेशक के निर्देश पर हुई कार्रवाई, शिकंजा कसने में जुटी टीम
लोकायुक्त पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पूरी छापामार कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (DGP) लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस निर्देश तथा पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) लोकायुक्त मनोज सिंह के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपादित की गई। आरोपी के वित्तीय लेन-देन और बेनामी निवेश पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।