Bhiwani News: भिवानी में इंसानियत शर्मसार, पेड़ पर लटकी पॉलीथिन में मिला नवजात बच्चा; गंभीर हालत में रोहतक PGI रेफर
भिवानी (हरियाणा): भिवानी जिले से मानवता को झकझोर कर रख देने वाला एक अत्यंत हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। शहर की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सुबह-सवेरे एक पेड़ की टहनी पर लटकाई गई काली पॉलीथिन से एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी।
इस सनसनीखेज घटना की जानकारी जैसे ही आसपास फैली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय नागरिकों का भारी हुजूम एकत्रित हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह के समय जब नागरिक मॉर्निंग वॉक के लिए निकल रहे थे, तभी उनकी नजर पेड़ पर बंधी एक काली थैली पर पड़ी, जिसमें हलचल हो रही थी और भीतर से बच्चे के कराहने व रोने का स्वर आ रहा था। नागरिकों ने जब पास जाकर थैली को खोला, तो उनके होश उड़ गए। भीतर कपड़े में लिपटा हुआ केवल एक दिन का नवजात बालक मौजूद था, जिसके शरीर से जन्म के समय की गर्भनाल भी अलग नहीं की गई थी। खुले आसमान के नीचे ठंड में रहने के कारण मासूम का शरीर अत्यधिक ठंडा पड़ चुका था।
🚑 डायल 112 की तत्परता से बची जान: नागरिक अस्पताल से बाल संरक्षण आयोग तक हलचल
राहत एवं बचाव कार्य का विवरण:
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डायल 112 की त्वरित कार्रवाई: स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए तत्काल पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) मौके पर पहुंचा और बच्चे को सावधानीपूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला।
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अस्पताल में भर्ती: पुलिस दल ने तत्काल नवजात को भिवानी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञों की देखरेख में उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
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बाल संरक्षण आयोग का संज्ञान: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई और आयोग की टीम भी तुरंत अस्पताल पहुंची और मासूम के स्वास्थ्य तथा देखभाल से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का जायजा लिया।
🏥 गंभीर हालत के चलते रोहतक पीजीआई रेफर: मात्र 1200 ग्राम है मासूम का वजन
चिकित्सकीय स्थिति और स्वास्थ्य बुलेटिन:
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अत्यधिक कम वजन: नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, नवजात का वजन महज 1200 ग्राम (1.2 किलोग्राम) है, जो सामान्य नवजात शिशु के औसत वजन से काफी कम है।
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सांस लेने में तकलीफ: खुले में अत्यधिक ठंड झेलने के कारण शिशु हाइपोथर्मिया और सांस लेने में गंभीर कठिनाई (रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) से जूझ रहा है।
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रोहतक पीजीआई रेफर: प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन सपोर्ट देने के बाद नवजात की अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उन्नत चिकित्सा और गहन निगरानी के लिए पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान (PGI), रोहतक रेफर कर दिया।
🔍 आसपास के CCTV खंगालने में जुटी पुलिस: कलयुगी माता-पिता की तलाश तेज
कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच:
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CCTV फुटेज की जांच: इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अज्ञात लोगों की पहचान के लिए पुलिस टीम ने बिजली बोर्ड कॉलोनी और मुख्य रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
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अस्पतालों का रिकॉर्ड: पुलिस स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, निजी नर्सिंग होम और दाइयों से हाल ही में जन्मे शिशुओं के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
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केस दर्ज करने की प्रक्रिया: अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध बाल परित्याग और जान जोखिम में डालने संबंधी सुसंगत विधिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।