Betul News: बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 1.14 करोड़ का बड़ा फर्जीवाड़ा, सहायक प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार; फर्जी दस्तावेजों से तोड़ी एफडी
बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ करोड़ों की वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में लगभग 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच की जा रही है। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और अन्य संलिप्त लोगों ने खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबरों में फेरबदल कर नेट बैंकिंग के जरिए अवैध लेनदेन किए और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों का सहारा लेकर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाकर भारी रकम हड़प ली।
सहायक प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार, 22.33 लाख की संपत्ति जब्त
इस गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, इस पूरी साजिश में शामिल एक विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ भी किशोर न्याय अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन, भारी मात्रा में सोना-चांदी और एक कार समेत करीब 22.33 लाख रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करने में सफलता हासिल की है।
जनवरी महीने से चल रहा था अनियमितताओं का यह खेल
पुलिस की शुरुआती और प्रांतीय जांच में यह बात सामने आई है कि मोरखा शाखा में इसी साल जनवरी से कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं का यह काला खेल चल रहा था। आरोप है कि बैंक के सहायक प्रबंधक की आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग कर खाताधारकों के नेट बैंकिंग खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों को चुपचाप बदल दिया गया। इसके बाद खातों में अनधिकृत रूप से पैसे ट्रांसफर करने और एफडी को समय से पहले अवैध रूप से तुड़वाने जैसी संदिग्ध गतिविधियां अंजाम दी गईं।
फर्जी डेथ सर्टिफिकेट तैयार कर एफडी से निकाली गई रकम
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं, जिसके अनुसार कई मामलों में खाताधारकों के नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) तैयार किए गए और उनके आधार पर एफडी की रकम निकाल ली गई। पुलिस को पता चला है कि आरोपियों ने लगभग 10 बार मोबाइल नंबरों में बदलाव किए थे। खातों से उड़ाई गई इस बड़ी रकम को कथित तौर पर अपने रिश्तेदारों और अन्य बैंक खातों में डायवर्ट किया गया, जिससे बाद में कार और अन्य कीमती संपत्तियां खरीदी गईं।
दर्ज किए गए छह अलग-अलग मामले, कई खातों से अवैध निकासी
बोरदेही पुलिस के अनुसार, मोरखा शाखा के पीड़ित खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर कुल छह अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उनकी बिना किसी अनुमति या जानकारी के उनके खातों से बड़ी रकम की निकासी की गई। दर्ज प्रकरणों में ज्योति रघुवंशी के खाते से 4,86,175 रुपये, फूलवंती के खाते से 2,74,000 रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के मामले में 1,85,786 रुपये और भोजराज सोनी के मामले में 5,50,000 रुपये के अनधिकृत लेनदेन का जिक्र है।
अन्य पीड़ितों की शिकायतों पर भी पुलिस कर रही है तफ्तीश
इसके अतिरिक्त, रागिनी साहू की शिकायत पर 1,55,371 रुपये की कथित निकासी तथा विवेक सोनी की शिकायत पर खाते से फर्जी फंड ट्रांसफर के मामले में भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस इन सभी मामलों में बैंक खातों के डिजिटल लेजर, पैसों के मूवमेंट और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की बहुत बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरे नेक्सेस का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई तेज और सटीक कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और मुलताई एसडीओपी शिवकुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में बोरदेही पुलिस ने इस केस की परतें उधेड़ीं। थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल सबूत जुटाने के बाद आरोपियों पर शिकंजा कसा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विधि विरुद्ध बालक के संबंध में नियमों के अनुसार अलग से विधिक कदम उठाए गए हैं।
जब्त की गई 22.33 लाख रुपये कीमती चल-अचल संपत्ति
जांच प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े विभिन्न ठिकानों और बयानों के आधार पर संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया है। पुलिस द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, जब्त की गई सामग्रियों में लगभग 65 हजार रुपये कीमत के छह मोबाइल फोन, करीब 8.28 लाख रुपये का सोना, लगभग 1.40 लाख रुपये की चांदी और करीब 12 लाख रुपये मूल्य की एक लग्जरी कार शामिल है। इस प्रकार कुल 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और इसके स्रोत की जांच जारी है।
साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त सफलता
यह संपूर्ण सफल कार्रवाई मुलताई के एसडीओपी शिवकुमार सिंह के निर्देशन और थाना प्रभारी भैयालाल उईके के प्रभावी नेतृत्व में पूरी की गई। इस ऑपरेशन में बोरदेही थाने के पुलिस बल के साथ-साथ बैतूल जिले की साइबर सेल की टीम ने भी बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग प्रदान किया। पुलिस अधीक्षक ने इस जटिल मामले का खुलासा करने वाली पूरी पुलिस टीम के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की है।
नागरिकों से बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लेकर सतर्क रहने की अपील
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों और ऑनलाइन वित्तीय गतिविधियों को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने सलाह दी है कि खाताधारक समय-समय पर अपनी बैंक पासबुक, स्टेटमेंट और मोबाइल पर मिलने वाले एसएमएस अलर्ट की जांच करते रहें। यदि मोबाइल नंबर में अचानक बदलाव, एफडी टूटने या किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिले, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें और किसी के साथ भी ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें।