जबलपुर हाईकोर्ट में पीजी मेडिकल काउंसलिंग की मेरिट लिस्ट के खिलाफ याचिका, इन सर्विस कोटे को दी गई चुनौती

जबलपुर: मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय में पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) मेडिकल काउंसलिंग की पहली मेरिट सूची को लेकर एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई है। इस याचिका के माध्यम से काउंसलिंग प्रक्रिया में 30 प्रतिशत से अधिक इन-सर्विस (शासकीय सेवा में कार्यरत) उम्मीदवारों का चयन किए जाने और उन्हें ओपन कैटेगरी के अंतर्गत प्रवेश दिए जाने को गंभीर रूप से चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस प्रक्रिया से सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर असर पड़ रहा है, जिस पर अदालत ने संज्ञान लिया है।

डॉ. जान्हवर बतरा और डॉ. एस. सिंह द्वारा दायर की गई याचिका, काउंसलिंग प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन पर जताई आपत्ति

राजधानी भोपाल के रहने वाले डॉ. जान्हवर बतरा और डॉ. एस. सिंह की ओर से उच्च न्यायालय में यह याचिका प्रस्तुत की गई है। याचिका में यह उल्लेख किया गया है कि संचालक, चिकित्सा शिक्षा (DME) द्वारा पीजी मेडिकल काउंसलिंग की पहली सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है, जिसके तहत वर्तमान में छात्रों के दस्तावेजों के सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) का कार्य चल रहा है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, पीजी प्रथम चरण की यह काउंसलिंग आगामी 10 नवंबर तक जारी रहने वाली है। याचिका में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि प्रथम चरण की इस मेरिट सूची में बड़ी संख्या में इन-सर्विस उम्मीदवारों को शामिल किया गया है और उन्हें मनपसंद तथा अच्छे विभाग आवंटित किए गए हैं।

आरक्षण के निर्धारित नियमों का उल्लंघन होने का आरोप, सर्विस उम्मीदवारों को ओपन कैटेगरी में मानने पर उठाए गए सवाल

याचिका में विस्तार से यह तर्क दिया गया है कि मौजूदा नियमों के प्रावधानों के अनुसार इन-सर्विस उम्मीदवारों के लिए केवल 30 प्रतिशत सीटें ही आरक्षित होनी चाहिए। इसके बावजूद, सेवा में कार्यरत इन परीक्षार्थियों को ओपन कैटेगरी का सामान्य छात्र मानते हुए मेरिट लिस्ट में स्थान दे दिया गया है, जो कि पूरी तरह अनुचित है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इस प्रकार की व्यवस्था से इन-सर्विस उम्मीदवारों के कोटे का आरक्षण निर्धारित 30 प्रतिशत की सीमा से काफी ऊपर जा रहा है, जिससे ओपन कोटे की सीटें प्रभावित हो रही हैं।

हाईकोर्ट की युगलपीठ ने राज्य सरकार और संचालक मेडिकल एजुकेशन को जारी किया नोटिस, दो दिनों के भीतर जवाब तलब

मामले की पैरवी करते हुए याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखते हुए कहा कि इन-सर्विस कोटे के उम्मीदवारों को किसी भी स्थिति में ओपन कैटेगरी का छात्र नहीं माना जा सकता। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे तथा जस्टिस विशाल जैन की युगलपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने याचिका पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य शासन और संचालक, चिकित्सा शिक्षा (DME) को औपचारिक नोटिस जारी कर दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे महज दो दिनों के भीतर अपना जवाब पेश करें। इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई आगामी 5 नवंबर को निर्धारित की गई है।

क्या धारावी की जमीन के मालिक बन जाएंगे अडानी, जानिए असल कहानी?     |     EVM के इस्तेमाल की जिद क्यों? एलन मस्क की टिप्पणी के बाद अखिलेश यादव का सवाल     |     इंस्टा पर दोस्ती, होटल ले जाकर दोस्तों ने किया गंदा काम… सुसाइड से पहले युवक बता गया दर्द भरी दास्तां     |     तांत्रिक ने बीमारी ठीक करने का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म     |     T20 World Cup: पाकिस्तान के बाहर होने पर सिद्धू ने खोली ICC की पोल, गावस्कर ने भी की खिंचाई     |     संसद में अब 2014 और 2019 वाली स्थिति नहीं…कभी भी गिर सकती है सरकार, स्पीकर पद को लेकर संजय राउत का बड़ा बयान     |     आयकर में दान पर टैक्स छूट के लिए फार्म 10बीई जरूर लें करदाता     |     राहुल गांधी ने छोड़ी वायनाड सीट तो प्रियंका गांधी होंगी उम्मीदवार! अगले तीन दिन में होगा फैसला     |     कोटा कोचिंग सेंटर में IIT की तैयारी करने वाले छात्र ने किया सुसाइड     |     उज्जैन से पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा शुरू, CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी     |     एशियाई पैरा खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों का किया अभिनंदन     |     कोलकाता का एसआरएफटीआई संस्थान 11 दिसंबर तक बंद, छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव के बाद बड़ा फैसला     |     सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा मामला, दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट— 6 लोगों को बनाया गया आरोपी     |     एनआईए की अपील पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सचिन वाझे की जमानत हुई रद्द     |     यूपी की वोटर लिस्ट में 2.4 करोड़ मतदाताओं का बड़ा अंतर, विधानसभा और पंचायत सूची में भारी विरोधाभास     |     बिहार के दरभंगा में बदमाशों की गोली से ASI घायल, गश्ती के दौरान उजान गांव के पास हुआ हमला     |     हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 11,320 फीट की ऊंचाई पर बसा है बेहद खूबसूरत और शांत गांव चित्रकुल, भारत-तिब्बत सीमा का है आखिरी पड़ाव     |     रणबीर-यश की ‘रामायण’ में रावण के एक सिंहासन को बनाने में खर्च हुए 1 करोड़ रुपये, जानिए दिलचस्प बातें     |     सिनेमाघरों में रिलीज हुई रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी की महात्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’, रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग को लेकर चर्चा में रही फिल्म     |     यूरोप में बम की झूठी धमकियों से मचा हड़कंप, एक हफ्ते में दूसरी बार 12 से ज्यादा विमानों का बदला गया रूट European Airports High Alert Bomb Scares Russia Iran Hybrid A     |    

Pradesh Samna
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें