Punjab News: पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में नशे की सामग्री मिलने का दावा करने वाले CRPF जवान को पुलिस ने उठाया, धरने पर बैठी पत्नी
पटियाला: पंजाब के पटियाला शहर स्थित प्रतिष्ठित सरकारी राजिंदरा अस्पताल से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अस्पताल के भीतर नशे से जुड़ी संदिग्ध सामग्री मिलने का दावा करने वाले एक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान सोनू को पुलिस द्वारा देर रात धरने से जबरन उठाकर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। जवान की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है और उनके मुताबिक, बीती रात करीब 12 बजकर 33 मिनट पर पुलिसकर्मी उनके पति सोनू को जबरन गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गए। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद जवान की पत्नी न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्य सड़क पर ही धरने पर बैठ गई हैं और अपने पति को सुरक्षित वापस छोड़ने की लगातार मांग कर रही हैं।
मानसा जिले के रहने वाले हैं जवान सोनू, इलाज के लिए राजिंदरा अस्पताल में हुए थे भर्ती
मिली हुई विस्तृत जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ जवान सोनू मूल रूप से पंजाब के मानसा जिले के बुढलाडा क्षेत्र के रहने वाले हैं और वर्तमान में उनकी तैनाती पंजाब से बाहर है। वह छुट्टी लेकर अपना चिकित्सीय उपचार कराने के उद्देश्य से पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भर्ती हुए थे। जवान सोनू का यह मुख्य दावा रहा है कि अस्पताल के वार्ड के बाथरूम के भीतर उन्हें मेडिकल सिरिंज, नशे के सेवन में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की पन्नियां और 10 से 12 लाइटर पड़े मिले थे। उन्होंने इस बात की जानकारी तुरंत अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों और वहां मौजूद डॉक्टरों को देने की बात कही है।
डीएसपी संजीव सिंगला पर मारपीट करने और मोबाइल फोन छीनने के लगाए गए गंभीर आरोप
जवान सोनू का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल में नशे की सामग्री मिलने की शिकायत दर्ज कराई, तो इसके बाद डॉक्टरों ने उनके साथ बेहद अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई का हवाला देकर उन्हें जबरन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। इस मनमानी के विरोध में सोनू और उनकी पत्नी ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर ही धरना शुरू कर दिया था। पीड़ित जवान ने पुलिस विभाग के डीएसपी संजीव सिंगला पर उनके साथ मारपीट करने और उनका मोबाइल फोन छीनने जैसे बेहद संगीन आरोप भी जड़े हैं। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि बाकी, पुलिस के आधिकारिक बयान का किया जा रहा है इंतजार
हालांकि, अब तक सामने आए इन तमाम गंभीर आरोपों की किसी भी स्वतंत्र सूत्र से पुष्टि नहीं हो सकी है, और इस पूरे ताजा घटनाक्रम पर स्थानीय पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है। देर रात पुलिस द्वारा जवान सोनू को गाड़ी में बैठाकर ले जाए जाने के बाद से उनकी पत्नी अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर अकेले बैठकर अपने पति को जल्द से जल्द रिहा करने की गुहार लगा रही हैं। इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पुलिस विभाग की तरफ से आधिकारिक बयान जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।