Chhattisgarh Employees Federation News: संभाग स्तरीय प्रदर्शन के बाद उग्र आंदोलन की चेतावनी, एरियर्स और अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर अड़े कर्मचारी
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले संभाग भर के हजारों कर्मचारी एकत्र हुए और शहर के मंडी परिसर में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने शहर में एक बड़ी रैली निकाली और अंत में बस्तर कलेक्टर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
📋 मोदी की गारंटी के तहत डीए, एरियर्स और अनुकंपा नियुक्ति समेत कई वादों को पूरा करने की मांग
संघ के प्रदेश महामंत्री गजेंद्र श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव के दौरान ‘मोदी की गारंटी’ के तहत तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारियों को केंद्र (सेंट्रल) के कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता (DA) देने का स्पष्ट वादा किया गया था। इसके अलावा जनवरी महीने से देय महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि को सीधे जीपीएफ (GPF) खाते में जमा किए जाने और दैनिक वेतनभोगी तथा अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की गई थी। साथ ही दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का भी वादा किया गया था, लेकिन लंबे समय से पीड़ित परिवार भटक रहे हैं और सरकार द्वारा अभी तक एक भी मांग पूरी नहीं की गई है।
⚠️ सरकार को दी कड़ी चेतावनी, मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को होंगे बाध्य
कर्मचारी संघ ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि लगातार ज्ञापन सौंपने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बाद भी उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते संघ को यह तृतीय चरण का एकदिवसीय धरना प्रदर्शन करना पड़ा है। गजेंद्र श्रीवास्तव ने दो टूक कहा कि कर्मचारी खुद नहीं चाहते कि उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाना पड़े, लेकिन सरकार का रवैया उनके प्रति सही नहीं है। यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आगामी दिनों में सभी कर्मचारी काम बंद कर उग्र आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।