पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की सभा में जा रहे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष की कार पर हमला हुआ है। उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई और पत्थर व रॉड से अंडे फेंके गए। कुणाल घोष ने कहा कि यह सब इसलिए किया गया ताकि वे ममता बनर्जी की मीटिंग में न जा सकें।
विधायक कुणाल घोष ने चेतावनी दी कि यह सब करके उन्हें रोका नहीं जा सकता। वह कार घुमाकर भबानी भवन जा रहे हैं और वहां जाकर पुलिस को दिखाएंगे कि इलाके में ‘गुंडा राज’ कैसे चल रहा है। वहीं, ममता बनर्जी ने कुणाल घोष पर हमले के लिए पुलिस-प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। ममता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
😡 ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बोला हमला
उन्होंने कहा कि वे लोगों को बाहर नहीं आने दे रहे हैं। वे हमें असल में अपने घरों से निकलने से रोक रहे हैं। मैंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। अफ्रीकी देशों में भी, मैंने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ताओं और गुंडों ने सड़कें ब्लॉक कर दी हैं और पुलिस का कहीं कोई नामोनिशान नहीं है। यह सब पुलिस प्रशासन के सपोर्ट से हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि ‘BJP के गुंडों’ ने यह सब किया है, जो किसी भी ‘लोकतंत्र में मंजूर नहीं है।’ ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे विधायक और तृणमूल कांग्रेस नेता के घर में भी तोड़-फोड़ की गई है। कुणाल घोष की गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया है। GT रोड से लेकर उत्तरपाड़ा तक लोगों को आने-जाने से रोका जा रहा है।
🚓 कहां हैं पुलिस और प्रशासन? ममता का सवाल
ममता बनर्जी ने सवाल किया कि पुलिस और प्रशासन कहां है? अगर एडमिनिस्ट्रेशन खुद एक्शन नहीं लेता है और सब कुछ ऊपर से ऑर्डर मिलने के बाद ही करना है, तो पुलिस का क्या रोल है? उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद, हमने आज श्रीरामपुर में होने वाली अपनी मीटिंग को एडजस्ट किया, लेकिन हमारे लोगों को पीटा जा रहा है, सड़क पर घसीटा जा रहा है और सभा स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं अब खुद वहां जा रही हूं। यह बिल्कुल शर्मनाक है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि ऐसा लगता है कि कोई आजादी नहीं है — न काम करने का अधिकार, न वोट देने का, न बोलने का डेमोक्रेटिक अधिकार और न ही आने-जाने की आजादी। पुलिस को कानून का पालन करना चाहिए और कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
⚖️ बार-बार कोर्ट जाने की मजबूरी पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे GT रोड और उत्तरपाड़ा के आस-पास के इलाके से जो जानकारी मिली है, उसके बारे में आपको बताना मेरा फर्ज है। जो हो रहा है, वह गलत है। हर बार जब हम कोई प्रोग्राम करते हैं, तो हम प्रोसीजर फॉलो करते हैं और परमिशन लेते हैं, फिर भी हमारी पार्टी के वर्कर्स पर हमले होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक राजनीतिक सभा करने के लिए हमें हर बार कोर्ट क्यों जाना पड़े? कोर्ट के पास पहले से ही बहुत सारे केस और ज़िम्मेदारियां हैं। हम उन पर बेवजह बोझ नहीं डालना चाहते, लेकिन हालात हमें बार-बार कोर्ट की मदद लेने पर मजबूर कर रहे हैं। अगर हम कोई प्रोग्राम करना चाहते हैं, तो हमें 15 दिन पहले परमिशन के लिए अप्लाई करने को कहा जाता है। हमें रैली करने की इजाजत नहीं है। तो फिर हम प्रोटेस्ट कैसे करें? हम लोगों तक कैसे पहुंचें? बंगाल में जो हो रहा है, वह बेहद चिंताजनक है।