Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— ‘गांधीवादी अफसरों को नोट दिखते ही मारते हैं ठप्पा’
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश भर के विभिन्न रूटों के लिए 350 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये अत्याधुनिक बसें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड जैसे प्रमुख शहरों के बीच संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह तो केवल शुरुआत (ट्रेलर) है, आने वाले समय में मध्य प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में कई बड़े क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे।
💸 RTO में फैले भ्रष्टाचार पर गडकरी का बड़ा प्रहार: ‘गांधी के नोट दिखते ही ठप्पा मारते हैं अफसर, गलत बस पास की तो जाएगी नौकरी’
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश के आरटीओ (RTO) विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जताई और मंच से ही राज्य के परिवहन मंत्री को विभाग में सख्त अनुशासन लाने के निर्देश दिए।
गडकरी ने चुटकी लेते हुए कहा, “बसों की फिटनेस जांचने वाले बहुत से आरटीओ अफसर बेहद ‘गांधीवादी’ हैं, जिन्हें जैसे ही महात्मा गांधी वाले नोट दिखते हैं, वे तुरंत बिना जांच के ठप्पा मार देते हैं।” उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी अफसर ने अनफिट या गलत बस को रोड पर चलने की मंजूरी दी, तो सीधे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। गडकरी ने बताया कि 17 सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है, इसलिए अब किसी भी आम नागरिक को आरटीओ कार्यालय के चक्कर नहीं काटने चाहिए।
🛑 सुरक्षा मानकों (New Bus Code) के साथ कोई समझौता नहीं: ‘बिना वीडियो वेरीफिकेशन नहीं होगा रजिस्ट्रेशन’
सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में देशभर में बस दुर्घटनाओं में 3800 से अधिक लोगों की असमय मौत हुई है।
इस पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नया ‘बस कोड’ लागू किया है। अब नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत अधिकृत टेस्टिंग एजेंसी से सर्टिफिकेशन के बाद ही बसों का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। हर बस के लिए विस्तृत चेकलिस्ट जारी की जाएगी, जिसे वाहन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। आरटीओ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फिजिकल और वीडियो वेरीफिकेशन के बिना किसी भी वाहन का रजिस्ट्रेशन न किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बस निर्माताओं को भी चेतावनी दी कि यदि बसों की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदारों की तरह इस सेक्टर पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
🚗 निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति दें राज्य: ‘मध्य प्रदेश में मिलेंगे 40 से 50 लाख नए अवसर’
केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार के उस ऐतिहासिक निर्णय का उल्लेख किया, जिसके तहत निजी गाड़ियों (कार, बाइक, ऑटो) को टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने बताया कि इस फैसले से देश में अब तक 4 करोड़ युवाओं को नया स्वरोजगार मिला है। यदि मध्य प्रदेश सरकार भी केंद्रीय गाइडलाइन को पूरी तरह लागू करती है, तो झाबुआ, रतलाम और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में लगभग 40 से 50 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने राज्य के परिवहन मंत्री से इस गाइडलाइन को अविलंब स्वीकार कर लागू करने का विशेष आग्रह किया।
⚡ इलेक्ट्रिक बसों का किराया डीजल से 30% कम हो: ‘कचरे से बायो-सीएनजी बनाकर घटाएं ईंधन लागत’
ईंधन के आयात को घटाने और प्रदूषण मुक्त सफर को बढ़ावा देने के लिए गडकरी ने मध्य प्रदेश में ही इलेक्ट्रिक बस निर्माण इकाइयां स्थापित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में देश को ढाई लाख इलेक्ट्रिक बसों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि गरीब से गरीब व्यक्ति को भी एसी (Air Conditioner) बस की सुविधा मिले और उसका किराया डीजल बस की तुलना में कम से कम 30 फीसदी सस्ता हो।” इसके अलावा उन्होंने इंदौर और नागपुर के कचरे से सीएनजी (CBG) बनाने वाले प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए बताया कि पराली और गीले कचरे से तैयार ईंधन पर वाहनों को चलाने की लागत मात्र ₹1 प्रति किलोमीटर आती है, जिससे देश का आयात बिल भारी मात्रा में घटेगा।