ब्यास (पंजाब): डेरा राधा स्वामी सत्संग ब्यास आने वाले श्रद्धालुओं और आम राहगीरों के लिए एक अत्यंत जरूरी प्रशासनिक सूचना सामने आई है।
ब्यास नदी पर चल रहे नए फ्लाईओवर निर्माण कार्य के मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नया रूट प्लान जारी किया गया है। निर्माण कार्य के कारण लगने वाले लंबे जाम और असुविधा से बचाने के लिए संगत को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
नई ट्रैफिक व्यवस्था के तहत जालंधर की ओर से आने वाले वाहनों और संगत को अब करतारपुर, सुभानपुर, नडाला, राड़ा मोड़, श्री हरगोबिंदपुर, घुमाण और सठियाला होते हुए डेरा ब्यास पहुंचने का रूट अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
🚧 ढिलवां टोल प्लाजा के पास फ्लाईओवर का निर्माण: ब्यास एंट्री से पहले डायवर्जन
निर्माण कार्य और रूट बदलाव की मुख्य वजह:
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फ्लाईओवर की लोकेशन: जिस नए फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है, वह ढिलवां टोल प्लाजा पार करने के बाद और ब्यास शहर की मुख्य एंट्री से ठीक पहले स्थित है।
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सड़क की चौड़ाई पर असर: निर्माण सामग्री और भारी मशीनों की मौजूदगी के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही सीमित हो गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है।
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लंबा जाम टालने की पहल: मुख्य हाईवे पर वाहनों के अत्यधिक लोड को कम करने के लिए ही इस वैकल्पिक रूट का चयन किया गया है।
🚗 30 अगस्त को लगे भीषण जाम से सबक: सोशल मीडिया पर जारी की गई जानकारी
जाम की समस्या और नई व्यवस्था के लाभ:
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घंटों फंसे रहे थे राहगीर: उल्लेखनीय है कि 30 अगस्त को ब्यास नदी के पुल पर वाहनों की भारी भीड़ के चलते भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिससे संगत और आम जनता को घंटों तक भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
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डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलर्ट: इस स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से प्रबंधन और प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए व्यापक रूप से नए रूट मैप की जानकारी साझा की जा रही है।
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समय पर यात्रा पूरी करने की सलाह: डेरा ब्यास दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले नए रूट प्लान को ध्यान में रखें ताकि बिना किसी रुकावट के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंच सकें।
