नई दिल्ली: 21 जून को होने वाली NEET Re-Exam 2026 की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर अस्थायी रोक लगा दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने NTA की सिफारिश पर IT एक्ट की धारा 69A के तहत यह आदेश जारी किया है, जिसके तहत टेलीग्राम 22 जून तक ब्लॉक रहेगा।
🤔 Telegram क्यों, WhatsApp क्यों नहीं?
आम लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कार्रवाई केवल टेलीग्राम पर ही क्यों हुई? सरकार की जांच और अधिकारियों के तर्क के अनुसार इसके पीछे दो मुख्य तकनीकी कारण हैं:
✏️ विवादित ‘मैसेज एडिटिंग’ फीचर
टेलीग्राम पर मौजूद ‘एडिट’ फीचर का दुरुपयोग कर धोखेबाज पुराने मैसेज को एडिट कर उनमें प्रश्नपत्र डाल देते थे। ऐप में पुराने टाइम-स्टैम्प को बरकरार रखते हुए मैसेज बदलने की सुविधा है। ठग इस फीचर का फायदा उठाकर स्क्रीनशॉट शेयर करते थे, जिससे यह साबित किया जा सके कि पेपर परीक्षा से पहले ही ऐप पर उपलब्ध था।
📢 पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग बनाम निजी चैटिंग
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टेलीग्राम: यह एक ‘ब्रॉडकास्टिंग पावरहाउस’ की तरह काम करता है, जहां एक बार में लाखों लोगों तक मैसेज पहुंचाया जा सकता है। इसके पब्लिक चैनल सिस्टम ने ठगों को अपना नेटवर्क बढ़ाने में मदद की।
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WhatsApp: व्हाट्सऐप का ढांचा मुख्य रूप से परिचित लोगों के बीच निजी बातचीत (End-to-End Encryption) और सीमित ग्रुप्स के लिए है। इसका इकोसिस्टम मोबाइल नंबर से जुड़ा है और इसमें टेलीग्राम जैसी बड़े पैमाने पर पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग की सुविधा नहीं है।
⚖️ सरकार का स्पष्ट रुख
अधिकारियों ने पाया है कि पेपर लीक और धोखाधड़ी करने वाले जिस नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे, उसका आधार टेलीग्राम ही था। व्हाट्सऐप पर फिलहाल ऐसी कोई भूमिका नहीं पाई गई है, इसलिए सरकार ने जांच के दायरे को स्पष्ट रखते हुए केवल उस प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की है, जिसका इस्तेमाल सूचनाओं को गलत तरीके से फैलाने और छात्रों को गुमराह करने के लिए किया गया।
