Muzaffarpur Crime News: कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा की गोलियों से भूनकर हत्या; आइकॉन टावर में गैंगवार से दहला मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर के अमर सिनेमा रोड स्थित आइकॉन टावर में एक सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया, जहां कुख्यात शूटर गोविंद शर्मा को बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। गोविंद पटना से लौटकर अपने फ्लैट में प्रवेश कर ही रहा था कि घात लगाए बैठे दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
📊 घटना का ब्योरा और पुलिसिया कार्रवाई
हमलावरों ने 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल करते हुए गोविंद पर आधा दर्जन से अधिक गोलियां चलाईं। बचने के लिए गोविंद ने सीढ़ियों से नीचे भागते हुए कुर्सी का सहारा लिया, लेकिन तब तक उसे कई गोलियां लग चुकी थीं, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस को मौके से छह खोखे और पांच जिंदा कारतूस मिले हैं। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
🔍 खूनी इतिहास: पूर्व मेयर और आशुतोष शाही मर्डर केस का था मुख्य आरोपी
गोविंद शर्मा मुजफ्फरपुर के अपराध जगत का एक बड़ा नाम था और उस पर आधा दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज थे। वह 2018 में पूर्व मेयर समीर कुमार की एके-47 से हुई हत्या और 2023 में प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त था। इन दोनों हाई-प्रोफाइल मामलों के बाद गोविंद का नाम वर्चस्व की लड़ाई में लगातार सुर्खियों में रहा था।
⚖️ क्या है हत्या के पीछे की वजह?
पुलिस इस मामले में गैंगवार, आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के एंगल पर जांच कर रही है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया है। गोविंद शर्मा की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी हमलावरों को चिह्नित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना शहर में बढ़ते संगठित अपराध और आपसी वर्चस्व की लड़ाई का एक खूनी परिणाम है।
संपादकीय टिप्पणी: शहरों में सरेआम गैंगवार की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगाती हैं। क्या आपको लगता है कि ऐसे कुख्यात अपराधियों के खिलाफ ‘सख्त रासुका’ (NSA) जैसी कार्रवाई और त्वरित सुनवाई ही एकमात्र समाधान है? अपने विचार नीचे साझा करें।